रायपुर

अब एक घंटे में स्वास्थ्य बीमा की कैशलेश मंजूरी
04-Oct-2025 7:26 PM
अब एक घंटे में स्वास्थ्य बीमा की कैशलेश मंजूरी

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (ईरडाई) का नया सर्कुलर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 4 अक्टूबर। स्वास्थ्य बीमा अब और भी सुलभ और उपयोगकर्ता-अनुकूल हो गया है। हर स्वास्थ्य बीमा पॉलिसीधारक और इसे खरीदने पर विचार कर रहे सभी लोगों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (ढ्ढक्रष्ठ्रढ्ढ) ने एक नया सर्कुलर जारी किया है, जो बीमा पालिसी को अधिक पारदर्शी सुविधाजनक बनाएगा।

भ्रामक शब्दों और विलंबित दावों के दिन अब लद गए हैं। यह प्रगतिशील नियमन उपभोक्ता अधिकारों के लिए एक बड़ी जीत है।

इसके अनुसार पॉलिसीधारकों के लिए तेज़ कैशलेस अनुमोदन: अस्पताल के अनुरोध के 1 घंटे के भीतर कैशलेस अनुमोदन प्राप्त किया जा सकता है।त्वरित दावा निपटान: टीपीए को डिस्चार्ज होने पर नेटवर्क अस्पताल से बिल प्राप्त होने के 3 घंटे के भीतर दावों का निपटान करना होगा। अब कई दिनों तक इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा!

अनुचित अस्वीकृति नहीं: बीमाकर्ता दावा समीक्षा समिति की सहमति के बिना किसी दावे को अस्वीकार नहीं कर सकते। स्वत: नवीनीकरण: कंपनियाँ अब मनमाने ढंग से नवीनीकरण से इनकार नहीं कर सकतीं। कोई दावा न होने पर पुरस्कार: प्रीमियम पर छूट या दावा-मुक्त वर्ष के लिए बीमित राशि में वृद्धि प्राप्त करें। पहले से मौजूद बीमारियों के लिए कवर: मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियाँ लगातार 3 साल की पॉलिसी अवधि के बाद कवर की जाती हैं। आयुष कवरेज: आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा पद्धति के अंतर्गत उपचार अब शामिल है।

बीमाकर्ताओं पर जुर्माना: यदि वे एक महीने के भीतर लोकपाल के आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो प्रतिदिन ?5,000 का जुर्माना।

इनके अलावा बीमा कंपनियों के लिए निर्देश दिए गए हैं। इनके लिए सरल पॉलिसी दस्तावेज़: मुख्य पॉलिसी विशेषताओं का आसानी से समझ में आने वाला, एक पृष्ठ का सारांश प्रदान करें।

निर्बाध समन्वय: कई पॉलिसियों के मामले में, प्रमुख बीमाकर्ता को समन्वय स्थापित करना होगा और सुचारू भुगतान सुनिश्चित करना होगा।

100त्न कैशलेस लक्ष्य: बीमा कंपनियों को अपने कैशलेस अस्पताल नेटवर्क का तेज़ी से विस्तार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पूर्ण पारदर्शिता: कैशलेस नेटवर्क अस्पतालों और दावा प्रक्रियाओं का अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य प्रकटीकरण। तकनीक का लाभ उठाएँ: तकनीक-सक्षम प्रक्रियाओं के माध्यम से परेशानी मुक्त सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

बीमा कंपनियों के पास इन बदलावों के अनुकूल होने के लिए 6 महीने का समय है, लेकिन संदेश स्पष्ट है: ग्राहक ही केंद्र में है। ये सुधार बहुप्रतीक्षित विश्वास और स्वास्थ्य बीमा को लाखों भारतीयों के लिए एक अधिक विश्वसनीय सुरक्षा कवच बनाएंगे।


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