रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 3 अक्टूबर। शहर और आसपास के मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर मारपीट और धमकियों की घटनाएं सामने आई है। इस घटनाओं में कई लोग घायल हुए इनमें दुर्गा विसर्जन के दौरान
मारपीट और हमले हुए।
खरोरा पुलिस के मुताबिक संदेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 2 अक्टूबर की शाम 4:30 बजे दुर्गा प्रतिमा स्थल पर दुर्गेश कंडरा, गजेन्द्र वर्मा, गोलू धु्रव, गजनी साहू, मनीष यादव उर्फ अंडी और अन्य ने एक साथ मिलकर गाली-गलौज कर रहे थे। जिनकों मना करने पर लडक़ों ने हाथ मुक्का, लात से हमला किया। इस हमले में कई लोगों को चोट आई। बीच-बचाव करने आए लोगों पर भी युवकों ने मारपीट कर दी।
उधर रवेली निवासी योगेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह मुजगहन अपने परिवार के साथ दुर्गा विसर्जन के लिए तालाब जा रहे थे। इस दौरान टिकेन्द्र धीवर, हीरेन्द्र कुंभकार, तरुण कुंभकार और उनके अन्य साथियों ने पुरानी रंजिश के चलते उन्हें गाली-गलौज कर हाथ मुक्का से हमला किया। इस विवाद में योगेश के चेहरे और बांए आंख के नीचे चोटें आईं। आसपास के लोगों ने बीच बचाव कर झगड़ा शांत कराया।
तेलीबांधा निवासी आर्यन ने बताया कि 2 अक्टूबर की रात लगभग 9:30 बजे आर्यन कन्नौजे ने उसे गाली गलौज कर धमकी दी और किसी नुकीली चीज से हमला किया। प्रार्थी के बांए हाथ और सिर में चोटें आईं। इस दौरान पीहू अम्बेडारे और नामदेव ने बीच-बचाव किया।
उधर तिल्दानेवरा इलाके में विकास कुमार ने रिपोर्ट लिखाई कि 1 अक्टूबर की रात करीब 9:00 बजे शंकर मंडावी और उसके साथियों ने गाली-गलौज और हाथ मुक्का, बेल्ट से हमला किया। विकास और उनके साथी अभिषेक कुमार के सिर और शरीर पर चोटें आईं। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
एनडीपीएस में दो को जेल
रायपुर, 3 अक्टूबर। विशेष न्यायाधीश एन.डी.पी.एस. की अदालतों ने नशीले पदार्थों के मामलों में दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने चुमन पटेल और शंशाक रजक यूपी निवासी को कठोर सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों पर नशीले कैप्सूल स्क्क्रस् ञ्जक्र्रहृष्ट्रहृ क्करुस् की अवैध बिक्री का आरोप लगा था। शशांक रजक, 19 वर्ष, निवासी ललितपुर, उत्तर प्रदेश को 5 मई 2024, उरकुरा रेलवे स्टेशन के पास, से गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से बैग में 9.5 किलो गांजा जब्त किया गया।
दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से बीएल साहू ने गवाहों और दस्तावेजों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। बचाव पक्ष ने तर्क दिया। दोष सिद्ध होने पर अदालत ने दोनों को 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 25,000 रूपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न भरने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास दिया जाएगा।


