रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 1 अक्टूबर। श्री महामाया मंदिर में कल रात्रि हवन पूर्णाहुति पश्चात ज्योति जवारा का विसर्जन हुआ। आज महामाया माता एवं समलेश्वरी माता का वीर मुद्रा में विशेष अद्भुत श्रंगार जो वर्ष में मात्र दो बार नवमी के दिन ही किया जाता है, जो माता के अद्भुत पराक्रमी शक्ति और श्रद्धालुओं के रक्षण का प्रतीक है और अनाचारी राक्षसों के वध करने का द्योतक है। महामाया मंदिर के व्यवस्थापक पंडित विजय कुमार झा ने बताया है कि 1 अक्टूबर को दोपहर माताजी का छप्पन भोग, कुंवारी कन्या भोज, ब्राह्मण भोज संपन्न होकर महा आरती, महा भंडारा का आयोजन कर शारदीय नवरात्रि का यह यज्ञ अद्भुत शक्ति प्राप्त करने वाला निर्विघ्न हुआ। श्री झा ने इसके लिए समस्त श्रद्धालुओं, 11001 मनोकामना ज्योति प्रज्वलित करने वाले भक्तों, पुलिस प्रशासन, मीडिया कर्मियों, मंदिर के अध्यक्ष व्यास नारायण तिवारी, सचिव दुर्गा प्रसाद पाठक, वरिष्ठ सदस्य शेखर दुबे, कृपाराम यदु, विजय शंकर अग्रवाल, उपेंद्र शुक्ला, सत्यनारायण अग्रवाल, महेंद्र पांडे, शिबू शुक्ला, कुंज लाल यदु, सूरज फुटान, सहित आचार्य लाल जी प्रसाद त्रिपाठी, सह आचार्य पं संदीप त्रिपाठी, पुजारी गण श्रीकांत पांडे, लक्ष्मी कांत पांडे, पं मनोज शुक्ला, विवेक पुराणिक, राम मोहन तिवारी, मंदिर के कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।


