रायपुर

सारा रिकार्ड धूल धूसरित: कलेक्टोरेट परिसर स्थित रिकार्ड रूम की छत भर भराकर गिरी
28-Sep-2025 8:36 PM
सारा रिकार्ड धूल धूसरित: कलेक्टोरेट परिसर स्थित रिकार्ड रूम की छत भर भराकर गिरी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 सितंबर। रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर स्थित  रिकार्ड रूम  की छत गिरी। कक्ष क्रमांक 8 आंग्ल अभिलेख प्रकोष्ठ के रूप में संचालित होता रहा है। रविवार तडक़े करीब 4 बजे कक्ष की छत भरभराकर गिर गई। यह घटना तडक़े और  दफ्तर बंद होने की वजह से कोई जनहानि नहीं हुई।

 जर्जर होने के कारण ही कर्मचारी लगभग 1 माह से  9 नंबर कक्ष निर्वाचन शाखा में बैठ रहे थे। वैसे यह पूराने भवन का पूरा परिसर जर्जर हालत में है। कक्ष 8 के उपर से गिरे मलबे की वजह से कमरे के अंदर की फाइलें धूल में दब गई है।

बताया गया है कि पूर्व में एक दो बार इस कमरे की छत का प्लास्टर आदि गिरने से एक दो कर्मियों को हल्की चोंटे आ चुकी थी। आज इस बड़ी घटना के बाद कमरों की जर्जर हालत को देखते हुए कर्मचारी, अनहोनी की आशंका जताते रहे हैं। इसे अनदेखा किया जा रहा है। जबकि रूम में रखे सौ वर्ष पुराने दस्तावेजों को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। हालिया वर्षों के दस्तावेज रखे हुए हैं। आज की इस घटना में ये रिकॉर्ड भी धूल धूसरित हो गए हैं। छत गिरने की सूचना पर पहुंचे कर्मचारी रिकार्ड को दूसरे  कमरे में शिफ्ट करने  में जुट गए हैं।

अंग्रेजों के जमाने में  बने इस भवन के अन्य कमरे  नंबर 3, 4, 5, 6, 7, 9, 10, 11 भी इसी तरह कमजोर स्थिति में हैं जहां कभी भी इसी प्रकार का हादसा हो सकता है।

कर्मचारियों का कहना है कि आरपी मंडल के कार्यकाल में नया भवन बनाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन इसे अब तक मंजूर नहीं किया गया है। जबकि इसके बाद बनी योजना के अनुसार कमिश्नर भवन बनकर तैयार हो गया है।तहसील कार्यालय का निर्माण होना है। जानकारों का कहना है कि आरपी मंडल के कार्यकाल में ही पुराना ईएसी कालोनी में आक्सीजोन और मल्टीलेवल पार्किंग के बजाय नया कंपोजिट कलेक्टोरेट परिसर बनाने मांग की गई थी। लेकिन तत्कालीन सरकार में मंत्री रहे राजधानी के विधायकों ने अनदेखी कर दी।

दिया तले अंधेरा

इस घटना के बाद तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पूर्व अध्यक्ष और आप पार्टी कर्मचारी प्रकोष्ठ के संयोजक विजय झा ने कहा कि यह दिया तले अंधेरा जैसी स्थिति है। पूरे जिले में निजी सरकारी स्तर पर भूमि आवंटित करने वाले कलेक्टर अपने कार्यालय के लिए भूमि प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। कर्मचारी नेता के रूप में ऑक्सीजोन व होमगार्ड ऑफिस जब तोड़ा गया और मल्टी पार्किंग में करोड़ों रुपया खर्च किया गया, तब राजस्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से 5 एकड़ जमीन कलेक्टोरेट के कंपोजिट बिल्डिंग के लिए मांग की गयी थी। आज भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय कहीं दूसरी जगह बनाकर वही कलेक्टोरेट में ही कंपोजिट बिल्डिंग बन सकता है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय व सिविल कोर्ट धीरे-धीरे कलेक्टोरेट की भूमि को कब्जा करते रहे। आज भी विधटित राज्य परिवहन बंद होने के बाद पंडरी बस स्टैंड में 4.30 एकड़ जमीन, राज्य परिवहन के पुराने डिपो (रविवि के सामने) की ढाई एकड़ जमीन नजूल की रिक्त पड़ी है।  नेताओं के  दलीय झगड़े के कारण 19 एकड़ सिंचाई कॉलोनी का मुख्य मार्ग में भूमि तथा बीटीआई मैदान का भूमि जिसे गृह निर्माण मंडल लेकर कांपलेक्स बनाना चाहता है, वहां भी कलेक्टोरेट कंपोजिट बिल्डिंग बन सकता है।


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