रायपुर
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 23 सितंबर। कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। बताया गया कि पर्यवेक्षक ब्लाक में जाकर कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करेंगे, और अधिकतम छह नाम का पैनल तैयार करेंगे। हाईकमान इनमें से एक नाम पर मुहर लगाएगी। खास बात ये है कि पर्यवेक्षकों को बड़े नेताओं के घर जाकर बैठक करने से परहेज़ करने के लिए कहा गया है।
एआईसीसी ने जिला अध्यक्षों के चयन के लिए 17 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। प्रदेश में कांग्रेस के 36 संगठन जिले हैं, जिनमें से 11 में छह माह पहले अध्यक्ष की नियुक्ति हो चुकी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक 25 जिलों में नए अध्यक्ष का चयन किया जाएगा। जिन नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर भेजा गया है, वो अपने प्रदेश के बड़े नेता हैं। कुछ तो छत्तीसगढ़ में भी काम कर चुके हैं। मसलन, सांसद सप्तगिरी उल्का छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिव रहे हैं।
बताया गया कि ओडिशा के आरसी खुटिया भी यहां संगठन का काम कर चुके हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, और मध्यप्रदेश के आदिवासी नेता उमंग सिंघार, बालाघाट की नेत्री हीना कांवरे और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नितिन राउत को पर्यवेक्षक बनकर यहां आ रहे हैं। पर्यवेक्षकों के जिलों की घोषणा एक-दो दिनों में हो सकती है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक पर्यवेक्षकों को पैनल तैयार करने को हिदायत दी गई है। यह कहा गया कि वो जिलों में बड़े नेताओं के घर बैठक नहीं लेंगे। वो ब्लाकों में जाकर कार्यकर्ताओं से रायशुमारी करेंगे।
बताया गया कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत दिल्ली में हैं, और वो 25 तारीख को रायपुर लौटेंगे। उनके आने के बाद सभी 17 पर्यवेक्षक यहां आएंगे। कहा जा रहा है कि इस माह के आखिरी में सभी पर्यवेक्षक जिलों में जिला रायशुमारी की प्रक्रिया शुरू कर देंगे, और फिर अक्टूबर के पहले पखवाड़े में अपने-अपने जिलों के अध्यक्ष का पैनल एआईसीसी को सौंप देंगे। संभावना जताई जा रही है कि अक्टूबर के आखिरी तक जिला अध्यक्षों की सूची जारी कर दी जाएगी।


