रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 सितंबर। पं.जे. नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर परिसर में आवास गृह (2बीएचके-3बीएचके) और छात्र-छात्रावास भवन निर्माण कार्य में हुई देरी और लागत वृद्धि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर जहां लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार आमने-सामने हैं, वहीं अब शासन ने ?6139.31 लाख (61.39 करोड़ रुपये) की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा 11 सितंबर 2025 को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कार्य में लापरवाही हुई है और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह कार्य 11 फरवरी 2021 को ?32.36 करोड़ की लागत से ठेकेदार विनोद कुमार पांडेय को आबंटित किया गया था और इसे मार्च 2023 तक पूरा होना था। लेकिन कार्य 30 अप्रैल 2024 से बंद पड़ा है। विभाग का कहना है कि ठेकेदार ने अब तक केवल 49त्न कार्य ही पूरा किया, जबकि ठेकेदार का आरोप है कि विभाग ने 128 पेड़ों से घिरी जमीन बाधामुक्त नहीं कराई, गलत प्राक्कलन और ड्रॉइंग दिए तथा बार-बार बदलाव कराए।
फिलहाल, मामला अनुबंध की धारा 28 के तहत सुनवाई में है। यह देखना होगा कि जिम्मेदारी अंतत: ठेकेदार पर तय होती है या विभागीय अधिकारियों पर।


