रायपुर

डीएमएफ घोटाले में ईडी की छापेमारी: केदार ने कहा- तत्कालीन सीएम सचिवालय से जुड़े लोग
03-Sep-2025 8:44 PM
डीएमएफ घोटाले में ईडी की छापेमारी: केदार ने कहा- तत्कालीन सीएम सचिवालय से जुड़े लोग

शिवकुमार मोदी का ऑफिस


पूरा मामला 575 करोड़ के कोरबा डीएमएफ घोटाले से जुड़ा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 3 सितम्बर। कृषि उपकरण  सप्लायर्स के यहां जारी ईडी की जांच को लेकर जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला 575 करोड़ के कोरबा डीएमएफ घोटाले से जुड़ा है।

ईडी की रिपोर्ट के आधार पर  ईओडब्ल्यू ने भी धारा 120 बी 420 के तहत केस दर्ज किया हुआ है। इस केस में यह तथ्य निकल कर सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड से अलग-अलग टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताएं की गईं है।टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया।

ईडी के तथ्यों के मुताबिक टेंडर करने वाले संजय शिंदे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, ऋषभ सोनी और बिचौलिए मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल और शेखर नाम के लोगों के साथ मिलकर पैसे कमाए गए।कोरबा में 575 करोड़ रुपए से ज्यादा के हुए ष्ठरूस्न स्कैम की जांच में हुआ है। इसकी पुष्टि रायपुर कोर्ट में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा पेश किए गए 6 हजार पेज के चालान से हुई है।

डीएमएफ खनिकों द्वारा वित्तपोषित एक ट्रस्ट है, जिसे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य खनन संबंधी परियोजनाओं और गतिविधियों से प्रभावित लोगों के लाभ के लिए काम करना है।

ईडी ने कथित डीएमएफ घोटाले में धन शोधन की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज तीन प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद शुरू की थी, जिसमें राज्य सरकार के अधिकारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों के साथ मिलीभगत करके ठेकेदारों द्वारा सरकारी धन की हेराफेरी के आरोप में आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया था।

बताया जा रहा है कि ईडी ने अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक शिवकुमार मोदी के घर छापा मारा है। इस कार्रवाई में छह से अधिक ईडी अधिकारी शामिल हैं और सीआरपीएफ ने सुरक्षा का मोर्चा संभाला है।

अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में काम करती है, जिसमें ड्रिप सिंचाई प्रणाली, कांटेदार तार, चेन लिंक, आरसीसी बाड़ के खंभे, सौर जल पंप और कृषि उपकरण शामिल हैं।

मंत्रियों ने घेरा

इस मामले को लेकर भाजपा सरकार के दो मंत्रियों ने बयान भी दिया है। वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस घोटाले में तत्कालीन सीएम सचिवालय से जुड़े लोग शामिल हैं। वहीं राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि ईडी की जांच सतत प्रक्रिया है। ईडी दोषियों पर कार्रवाई करती है।


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