रायपुर
डीआरएम सेलून के पास टाइम पास कर रहे थे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 3 सितम्बर। जिला आबकारी विभाग ने आरपीएफ के सहयोग से मंगलवार को स्टेशन परिसर में डीआरएम सलून साइडिंग के पास दो व्यक्तियों को 28 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया।
इनके नाम अनीश कुमार एवं आयुष कुमार सिंह बताए गए हैं। इनके पास रखे ट्राली बैग और पि_ू बैग की तलाशी में 11 पैकेट में 28 किलो ग्राम गांजा भरा था । इसकी कीमती 7 लाख रुपए आंकी गई है। यह गांजा ओडिशा से लेकर बिहार जा रहे थे। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20( बी) में प्रकरण दर्ज कर आज कोर्ट में पेश किया गया।
गांजा बेचने ग्राहक तलाश रहा कोचिया पकड़ाया
अभनपुर पुलिस ने गांजा बेचने वाले को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम खोरपा के पास एक व्यक्ति अपने पास गांजा रखा है। और उसे बेचने की फिराक में ग्राहक तलाश रहा है। मुखबिर से के बताए हुलिए के आधार पर ग्राम खोरपा के पास से पकड़ा। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम मानसिंग साहू (61 वर्ष), निवासी ग्राम खोरपा का होना बताया। जांच के दौरान आरोपी के पास से 745 ग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत लगभग 7,000 रुपये आँकी गई है।पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
एक को जेल, 90 हजार का जुर्माना भी
रायपुर, 3 सितम्बर। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस अधिनियम) ने गांजा/हेरोइन तस्करी के मामले में आरोपी धरम सिंह रंधावा को दोषी ठहराया है। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने 5 वर्ष का कारावास और 90 हजार रूपए अर्थदंण्ड से दंडित किया है।
लोक अभियोजक केके चंद्राकर ने बताया कि 29 फरवरी 2020 को थाना आमानाका पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर टाटीबंध रिंग रोड नंबर-2, तालाब सुलभ शौचालय के पास दबिश दी थी। वहां से धरम सिंह रंधावा को पकड़ा गया और उसके कब्जे से गांजा और हेरोइन की पुडिय़ा, सिरिंज, लाइटर और सिल्वर पेपर बरामद किए गए। आरोपी कोई वैध लाइसेंस या अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका।
अदालत ने सुनवाई के बाद माना कि अभियोजन पक्ष ने अपना मामला धारा 20(बी)(2)(बी) एवं 21(ए) एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत युक्तिसंगत संदेह से परे साबित किया है। आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए सजा के प्रश्न पर अलग से सुनवाई की गई।


