रायपुर
रायपुर, 31 अगस्त। अमलतास कैसल , कचना स्थित श्री मुनिसुव्रत नाथ दिगम्बर जैन मंदिर में दहलक्षण पर्व पर रविवार को बच्चों के लिए चित्र कला (ड्रॉइंग) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती शशि पालीवाल ने बताया कि 5 से 8 वर्ष एवं 9 से 14 वर्ष तक के बच्चों ने दिए गए विषय वस्तु पर अपने चित्र बनाए। इससे पहले तीसरे दिन उत्तम आर्जव पर्व बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रात: 7 बजे मूल नायक 1008 श्री मुनिसुव्रत नाथ भगवान का जलाभिषेक एवं शांति धारा लाभारती जगदीश चंद चंद्रभान बाबूलाल गोधा एवं लाभारती केशव चंद नरेंद्र कुमार पालीवाल परिवार ने किया। उत्तम आर्जव धर्म कि विवेचना करते हुए सुरेश भाई मोदी ने बताया कि जब मानव अपने मन से कपट, चोरी और धोखा करना जैसे भाव को निकालकर अपने स्वभाव को सरल व विनय युक्त बना लेता है इसी को उत्तम आर्जव धर्म कहते है। सरल स्वभाव के साथ परम् आनंद मोक्ष प्राप्त कर सकते है। यह जानकारी मंदिर के अध्यक्ष हिमांशू जैन ने दी।


