रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 अगस्त। आधे करोड़ से अधिक का बयाना लेने के बाद भी मकान बेचने में आनाकानी करने वाले पिता पुत्री को गिरफ्तार किया है। जबकि बेटा फरार है।
अखतर अली बहेखागाछी थाना नयागांव जिला सारण (बिहार) ने मंगलवार को लिखित शिकायत की थी। इसके मुताबिक असरफ अली उर्फ शेख असरफ अली के स्वामित्व एवं हक का मकान जो कि पुरेना पटवारी हल्का नंबर 113, राजस्व निरीक्षक मंडल रायपुर नगर निगम सीमा के अंतर्गत राष्ट्रीय विकास खजिन निगम के कर्मचारी सहकारी गृह निर्माण समिति रायपुर के सदस्यता क्रमांक 30 के अंतर्गत दर्ज है। जो कि वार्ड 46 में आता है ।इसका खाता अनुपमान 1085 खसरा नंबर 332/1, 332/2, 333/1, 333/2, 334 का भाग का रकबा 1500 वर्गफिट में पक्का मकान निर्मित है। पृथक से 300 वर्गफिट में एक और मकान निर्मित है जो कि अतिरिक्त शेष भूमि पर निर्मित है। मकान को अख्तर अली ने खरीदने सौदा 83,00,000/- रूपये किया। और अग्रिम बयाना के रूप में 62,20,000 दे चुका था । दोनों के मध्य क्रय करने के संबंध में एक इकरारनामा 25.07.2024 को गवाहों एवं नोटरी के मध्य निष्पादित किया गया। इकरानरनामा शर्तों के तहत विक्रय पत्र के पंजीयन कार्यवाही के 11 माह के भीतर कराया जाना था।
अख्तर द्वारा इकरारनामा कंडिका 1 के अनुसार उल्लेखित शर्तों के तहत 20,00,000/- अक्षरी बीस लाख रूपये एवं बाद में प्रार्थी से असरफ अली के द्वारा राशि मांग किये जाने पर शेख असरफ अली के द्वारा अपने पुत्र शेख असलम अली के बैंक खाते में 3,53,000/ रूपए एवं अपनी पुत्री फिरोजा अली के बैंक खाते में 11,50,000/- रूपये प्राप्त किया। इस प्रकार अख्तर से असरफ अली के 62, लाख रूपये मकान विक्रय करने के एडवांश राशि के एवज में प्राप्त कर लिया था । इसके बाद अख्तर के द्वारा असरफ अली को अपने इकरारशुदा मकान के पंजीयन के संबंध में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने कहा गया जिससे कि विक्रय पत्र के पंजीयन के निष्पादन की कार्रवाई शीघ्रता पूर्ण किया जा सके। फोन पर चर्चा के बाद भी पंजीयन के लिए जवाब न देने पर अख्तर रायपुर आकर असरफ अली से मुलाकात की।
तब असरफ अली ने धमकी दी कि वह मकान नहीं बेचेगा जो करना है कर लो। इस पर अख्तर ने धारा -318(4),316(2),3(5) बीएनएस के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई । इस पर पुलिस ने पिता पुत्री को बुधवार गिरफ्तार किया । पुत्र असलम अली फरार है।


