रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 अगस्त। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने यूपीएस और एनपीएस को लेकर बड़ा ऐलान किया है। यह यूपीएस और एनपीएस के बीच यह एकमुश्त स्विच सुविधा कर्मचारियों को अपनी जरूरतों के अनुसार सही स्कीम चुनने का अवसर प्रदान करेगी।
खबर के मुताबिक, यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए होगी जिन्होंने पहले यूपीएस को चुना है। 1 अप्रैल 2025 से सरकार ने एनपीएस के तहत यूपीएस को एक वैकल्पिक स्कीम के रूप में शुरू किया है। यह योजना कर्मचारियों को गारंटीड रिटर्न देने का प्रावधान करती है, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय सुनिश्चित होती है।
खबर के मुताबिक, बीते 20 जुलाई तक करीब 31,555 केंद्रीय कर्मचारी यूपीएस से जुड़ चुके हैं। इस योजना में नामांकन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2025 निर्धारित है। जिन कर्मचारियों ने यूपीएस को चुना है, उन्हें एक बार के लिए एनपीएस में स्विच (बदलने )करने की अनुमति दी गई है। यह विकल्प रिटायरमेंट की संभावित तारीख से एक वर्ष पहले तक या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले में 3 महीने पहले तक ही उपलब्ध रहेगा।
अगर यूपीएस से जुड़े कर्मचारी सेवा के दौरान निधन, विकलांगता या अस्वस्थता का सामना करते हैं, तो उन्हें सीसीएस ( पेंशन) रूल्स 2021 या सीसीएस ( एक्स्ट्रा आर्डिनरी पेंशन) रूल्स, 2023 के तहत पेंशन लाभ का विकल्प दिया जाएगा। इसके अलावा, यूपीएस को अब आयकर अधिनियम, 1961 के तहत एनपीएस के समान टैक्स लाभ प्रदान किए गए हैं। यानी यूपीएस में निवेश करने पर भी अब टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।
नेशनल पेंशन सिस्टम या एनपीएस भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आय (पेंशन) सुनिश्चित करना है। इस योजना को पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण यानी पीएफआरडीए अधिनियम, 2013 के तहत संचालित और विनियमित किया जाता है। इसमें आपके द्वारा निवेश की गई राशि बाजार से जुड़ी होती है, जिससे लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना होती है।
अगर आप नौकरी बदलते हैं या शहर बदलते हैं, तब भी एनपीएस अकाउंट चालू रहता है। कर्मचारी द्वारा निवेश की राशि और निवेश का तरीका सुविधा अनुसार तय किया जा सकता है।
एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के अंतर्गत एक विकल्प के रूप में 1 अप्रैल 2025 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए शुरू किया गया है। यूपीएस निर्धारित शर्तों के आधार पर सुनिश्चित भुगतान प्रदान करता है। 1 अप्रैल 2025 तक सेवारत कोई मौजूदा केंद्र सरकार का कर्मचारी, जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के अंतर्गत आता है, यूपीएस का विकल्प चुनने के लिए पात्र है।


