रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 अगस्त। आनलाइन धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों में ठगों ने 13.40 लाख रूपए ट्रांसफर करा लिए। पुलिस अपराध दर्ज कर पड़ताल कर रही है।
पहला मामला तेलीबांधा थाना इलाके में हुआ। मिली जानकारी के अनुसार समृद्धि विहार अवंति विहार निवासी नेहा गुप्ता 42 इसका शिकार हुई। नेहा को 9 जून को फोन नंबर 8127595874 से अज्ञात व्यक्ति ने काल किया। उसने शेयर बाजार में निवेश करने पर घर बैठे बड़े मुनाफा कमाने का आफर दिया। उस पर भरोसा कर नेहा ने पहले कुछ कर रकम निवेश किया।इस पर उस अज्ञात व्यक्ति ने उस अनुपात में कुछ मुनाफा भेजा। यह सिलसिला कुछ दिन चला। उस पर भरोसा बढऩे पर मुनाफा बराबर मिलने पर नेहा ने 25 जून को बड़ी रकम निवेश किया। उसके बाद से नेहा को अब तक कोई मुनाफा नहीं आया। पुलिस के अनुसार जून माह के 16 दिनों में उस व्यक्ति ने अपने बताए खातों में नेहा से कुल 13.13 लाख रूपए ट्रांसफर करा कर धोखाधड़ी की।
इधर साइंस कालेज के पीछे रहने वाले आयुष अग्रवाल 27 ने भी सरस्वती नगर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। आयुष ने अपनी ओला स्कूटर को बनने एजेंसी में दिया था। 24 अगस्त को फोन नंबर 9580970648 से काल करने वाले ने अपने को एजेंसी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि ओला स्कूटर का कार्बोरेटर खराब है जिसे बदलना पड़ेगा। इस पर होने वाले खर्च की रकम 26700 रूपए अपने बताए खाते में ट्रांसफर करा लिया। आयुष के रात एजेंसी जाने पर इस धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस दोनों मामले धारा 318-4 के तहत दर्ज कर साइबर सेल की मदद से पड़ताल कर रही है।
डेंटल कॉलेज के एक प्रोफ़ेसर के साथ 26.68 लाख की ठगी
डेंटल कॉलेज के एक प्रोफ़ेसर के साथ करीब 26.68 लाख रुपये की ठगी हो गई है। प्रोफेसर ने आमानाका पुलिस थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि, ठगों ने व्हाट्सएप ग्रुप में जोडक़र वीआईपी मेंबरशिप और मुनाफे का लालच दिया था। इसके बाद ठगों ने शातिराना तरीके से उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराया। वही जब उन्हें इससे फायदा होता नहीं दिखा और रिटर्न हासिल नहीं हुआ तो उन्होंने व्हाट्सप्प ग्रुप में आपत्ति जताई लेकिन इसी बीच उन्हें उस व्हाट्सअप ग्रुप से रिमूव कर दिया गया। इसके बाद प्रोफेसर को ठगी होने का आभास हुआ।


