रायपुर
रायपुर, 27 अगस्त। अमलतास रेसीडेंसी, कचना में 1008 श्री महावीर भगवान को पांडुक शिला पर विराजित कर अभिषेक, शाँति धारा तत्पश्चात प्रवचन (तत्वचर्चा ),एवं संगीतमय महा पूजन की गई।
अनंत वीर्य केवली के केवल ज्ञान विषय पर चर्चा करते हुए सुरेश भाई मोदी ने बताया कि किस तरह हमे उत्तम मध्य एवं जघन्य पात्र को दान देने से किस तरह पूण्य की प्राप्ति होती है। किसी अपाहिज या किसी अन्य को दिया गया दान करुणा दान कहलाता है जो कि परोपकार की श्रेणी मे आता है एवं पूण्य को बांधने वाला होता है। गुरुवार 28 से प्रारम्भ हो रहे दसलक्षण धर्म के प्रतिदिन होने वाले कर्यक्रम बताते हुए श्री अजित जैन ने बताया कि प्रात:7.30 बजे से अभिषेक शान्ति धारा, प्रवचन( तत्व चर्चा )तत्पश्चात संगीतमय सामूहिक पूजन के पश्चात दस लक्षण वीधान के पश्चात सायं 7.30 बजे से संगीत मय आरती, सास्त्र वाचन तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम मंदिर जी के नीचे वाले हॉल में सम्पन्न होंगे। उपरोक्त जानकारी मंदिर के अध्य्क्ष हिमांशु जैन ने दी।


