रायपुर

पनीर के एनालाग प्रोडक्ट पर एफएसएस आई की सख्ती
19-Aug-2025 7:30 PM
पनीर के एनालाग प्रोडक्ट पर एफएसएस आई की सख्ती

पैकेट में प्रिंट, दुकान होटल वालों को बताना होगा कि यह एनालाग पनीर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 19 अगस्त। त्योहारी और शादियों के आगामी सीजन को देखते हुए नकली पनीर यानी पनीर के एनालाग प्रोडक्ट पर सख्ती बरतने की तैयारी कर ली गई है। हाल के महीनों में राजधानी रायपुर समेत प्रदेश और देश भर में ऐसे पनीर की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी थी। इस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण  ने  गाइडलाइन जारी किया है। अब  पैकिंग में बिकने वाले पनीर पर साफ-साफ लिखना होगा कि यह एनालॉग पनीर है। अगर डेली नीड्स के दुकानदार यह खुला बेचा जाता है, तो ग्राहक को जानकारी देनी होगी। इतना ही नहीं, होटल और रेस्टोरेंट को भी मेन्यू कार्ड पर बताना होगा कि वे एनालॉग पनीर परोस रहे हैं।  साथ ही इसकी कीमत डेयरी पनीर से कम रखनी होगी। डेयरी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक किलो एनालॉग पनीर की लागत डेयरी पनीर से करीब 100 से 150 रुपये तक कम होती है?

डेयरी पनीर सिर्फ दूध से बनाया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर में वनस्पति तेल, दूध पाउडर, सोया, नारियल तेल और जड़ वाली सब्जियों जैसी प्लांट-बेस्ड सामग्री का उपयोग होता है  इसके अलावा इसमें टैपिओका, खमीर और एसिड जैसे गाढ़े पदार्थ भी मिलाए जाते हैं।   डेयरी पनीर मुलायम होता है और मुंह में रखते ही घुल जाता है। इसमें 24 फीसदी तक फैट होने की वजह से इसका टेक्सचर स्मूद रहता है। इसके उलट, एनालॉग पनीर को खाने में ज्यादा चबाना पड़ता है।होटल-रेस्टोरेंट में इसे ग्रेवी के साथ नरम करने की कोशिश की जाती है। वहीं, नकली पनीर दो दिन बाद खराब होकर नीला पडऩे लगता है।


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