रायपुर
रायपुर, 18 अगस्त। छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री परिषद की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कल 19 अगस्त को आहूत की गई है। इस बैठक में प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों की समस्याओं व मांगों पर विचार कर शीध्र निर्णय किया जाना चाहिए, अन्यथा आगामी 22 अगस्त को पूरे प्रदेश में काम बंद कलम बंद हड़ताल होगा। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने बताया है कि पटवारियों के लंबे आंदोलन चर्चा के बाद उन्हें संसाधन भत्ता प्रदान किया गया है।
हालांकि ?1100 समाधान भत्ता का आश्वासन के बाद मात्र 850/- रुपए संसाधन भत्ता देने से पटवारियों में आक्रोश है। इसी प्रकार प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता, नगर क्षतिपूर्ति भत्ता, अवकाश नगदीकरण व अनुकंपा नियुक्ति जैसे त्वरित समस्याओं पर 22 अगस्त को छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में आंदोलन की घोषणा की गई है, जो सभी जिलों में काम बंद कलम बंद आंदोलन आकस्मिक अवकाश लेकर किया जावेगा।
श्री झा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग की है कि आंदोलन के बाद चर्चा व निर्णय के बजाय बिना आंदोलन किये आपसी सौहाद्रपूर्ण वातावरण में चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए। ताकि आंदोलन से टकराहट की स्थिति उत्पन्न न हो? श्री झा ने केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों में भेदभाव को छत्तीसगढ़ की माटी में समता के आंगन में विषमता के बीज बोये जा रहे हैं,उसे दूर करने की मांग की है। श्री झा ने प्रदेश में 16 हज़ार एनएचएम हड़ताली कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन आंदोलन का समर्थन किया।


