रायपुर

जीवनदान से बड़ा दान कोई नहीं आज वल्र्ड ऑर्गन डोनेशन डे
13-Aug-2025 7:17 PM
जीवनदान से बड़ा दान कोई नहीं आज वल्र्ड ऑर्गन डोनेशन डे

-टिकेश यादव

रायपुर, 13 अगस्त। समाज में ऐसे लोग भी हैं, जो अपनी अंतिम सांस के बाद भी दूसरों को जीवनदान देकर मिसाल कायम कर जाते हैं।  एक ओर जहां परिवार अपने सदस्य के खोने के गम में डूबा होता है, वहीं इस बात का गर्व भी रहता है कि उनके प्रियजन के अंगों से  जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिला। ऐसे दानशील लोगों का इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर सार्वजनिक समारोह में सम्मान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर आयोजन करने कहा है। इस वर्ष 12 अंगदान दाताओं के परिजनों का सम्मान किया जाएगा। इनमें सर्वाधिक 5 रायपुर जिले के हैं।  छत्तीसगढ़ ने ऐसे नि:स्वार्थ दानदाताओं के कुछ परिजनों से संपर्क किया। कुछ के मोबाइल नंबर संपर्क से दूर, तो कुछ नंबर सर्विस में ही न होने की वजह से दो लोगों से ही चर्चा हो सकी।

रायपुर निवासी सेजल सावरियां ने बताया कि दो साल पहले उनके भाई की मृत्यु हो गई थी। परिवार इस दुख से उबर ही रहा था कि डॉक्टरों से पता चला—भाई ने पहले ही अंगदान का संकल्प लिया था। इस पर वर्ष 2023 में उनकी मृत्यु के बाद अंगदान किया गया। जिससे कई जरूरतमंदों को नया जीवन मिला। हालांकि परिवार को यह कभी पता नहीं चल सका कि अंग  किसे लगाया  गया । सेजन के अनुसार, भाई का यह कार्य समाज के लिए आदर्श है। इससे बड़ा दान कोई नहीं।वहीं, पुलिस लाइन बस्तर निवासी अरविंद्र ने बताया कि वर्ष 2022 में एक हादसे में उनके भाई विकास को गंभीर चोटें आईं। अस्पताल में डॉक्टरों ने विकास को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अरविंद्र ने कहा, भाई हमेशा कहा करता था—मरने के बाद भी मैं किसी के काम आ जाऊं तो यही सबसे बड़ा काम होगा। परिवार ने उसी समय अंगदान का फैसला लिया और विकास के अंग जरूरतमंदों को दान कर दिए।  भाई के अंग जिसे भी लगा होगा वह स्वस्थ रहकर जीवन में सफलता हासिल करे  हम डाक्टरों से संपर्क कर उनका नाम पता लेकर मुलाकात करने की कोशिश कर रहे हैं।

3 साल में केवल 12 डोनर

अंगदान में छत्तीसगढ़ अब भी जागरूकता और उपलब्धता की चुनौती से जूझ रहा है। राज्य में कैडेवर डोनेशन (मृत व्यक्ति से अंगदान) के लिए अब तक 276 मरीज स्वीकृत हैं, जबकि 183 मरीज प्रतीक्षा सूची में हैं। सबसे ज्यादा मांग किडनी-151 मरीज,लीवर-21 मरीज, पिछले तीन साल में केवल 12 डोनर सामने आए, जिनसे किए गए ट्रांसप्लांट में शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अंगदान को लेकर लोगों में अब भी भ्रांतियां और जागरूकता की कमी है, जबकि हर एक डोनर कई जिंदगियों को बचा सकता है।

अंगदान करने वाले को कभी भी यह पता नहीं चलता की उसने किसकों और किसे अंग दान किया है। एक चर्चा में बताया गया कि आर्गंन डोनेट करने वाले या परिजन को पॉलिसी के तहत इसे गोपनीय  रखा जाता है। ताकि इससे समाज में गलत मैसेज न जाए।

इनका होगा सम्मान

उर्मिला काकरी, परिजन अर्जून सिह जेटी रोड, एसटी. स्टीफनस अवास उत्तर दिल्ली। अमरजीत कौर, परिजन मनमीत, कबीरनगर टाटीबंध रायपुर।  मौलिक सावरिया, परिजन सेजल सावरिया रजन सदन कुम्हारपारा रायपुर। रूपेंद्र सिंह मरावी, परिजन चंद्रभान सिंह श्री मंदिर रोड कटोरातालाब रायपुर। आरयंश आदिल, परिजन आसीम आदिल न्यू चंगोराभाठा रायपुर। विकास कुमार, परिजन अरविंद, कोडेनगर बस्तर। रितिका पाल, परिजन राधिकापाल, चकरभाठा, बिलासपुर। राधेश्याम करपाल, परिजन जैश करपाल, भानुप्रतापपुर, कांकेर। प्रखरसाहू, परिजन मंजू साहू, कोरबा। मुन्नी गौसिया, परिजन देवेंद्र गौसिया गांधी पंडरिया, राजनांदगांव। नेहाली परिजन संजय कुमार, डोंगरगढ़। प्रशांत सिंह परिजन सोमाली, चंद्रनगर उमरपाली, दुर्ग


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