रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 12 अगस्त। प्रदेश के चार नए मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण के लिए एजेंसी निर्धारण की प्रक्रिया एक बार फिर टल गई है। इसके लिए टेंडर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन को तय करना था, लेकिन कॉर्पोरेशन के एमडी के तबादले की वजह से संचालक मंडल की बैठक नहीं हो पाई। पिछले सप्ताह ही सरकार ने पदमिनी भोई के स्थान पर रितेश अग्रवाल को एमडी नियुक्त किया था। बैठक की अगली तिथि तय नहीं हो पाई है। कॉर्पोरेशन दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेज भवन गीदम में, जांजगीर-चांपा, कवर्धा, और मनेन्द्रगढ़ में बना रहा है। सूत्रों के अनुसार एक भवन की लागत 365 करोड़ रूपए का प्राकलन तैयार किया गया है। इनमें से गीदम कॉलेज का टेंडर 27.98 प्रतिशत, जांजगीर-चांपा 24.74 प्रतिशत, कवर्धा 24.74, और मनेन्द्रगढ़ का टेंडर 26.60 प्रतिशत अधिक कोड किया गया है। इसके लिए एनसीसी लिमिटेड हैदराबाद, पीएसपी प्रोजेक्ट लिमिटेड, और कोरबा की महतो एण्ड कंपनी प्रबल दावेदार बताए गए हैं। एबव रेट पर टेंडर छत्तीसगढ़ में पहली बार देखने आया है।
सूत्रों ने बताया पिछली बार चारों मेडिकल कॉलेज के टेंडर एक साथ निकाले गए थे। जबकि इनमें से दो कॉलेज के लिए भूमि का चयन ही नहीं हुआ था। उस समय भी यह टेंडर 30 प्रतिशत अधिक दर का आया था, जो एक कंपनी को जारी किया गया था। लेकिन कॉर्पोरेशन ने टेंडर रद्द कर दिया। इस बार टेंडर न होने के पीछे मुख्य कारण एमडी का बदलना है।


