रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 10 अगस्त। आईडीबीआई बैंक का निजीकरण के विरोध में बैंक, बीमा क्षेत्र की ट्रेड यूनियनों ने 11 अगस्त को बैंक कर्मचारियों के देशव्यापी हड़ताल का समर्थन किया। इससे पहले बीमा क्षेत्र में 100त्न एफ डी आई का निर्णय रद्द करने, रीजनल रूरल बैंक के सरकारी हिस्से की पूंजी के विनिवेशीकरण रद्द करने की मांग को लेकर बैज धारण कर देश भर में विरोध प्रदर्शन किया ।
इस प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ए आई आई ई ए के संयुक्त सचिव धर्मराज महापात्र ने कहा कि यह स्पष्ट है कि सरकार और रुढ्ढष्ट द्वारा वर्तमान में जो 95त्न इक्विटी होल्डिंग है, उसका बड़ा हिस्सा बेचने का सरकार का इरादा है। इस प्रस्तावित विनिवेश के बाद सरकार के पास केवल 15.24% और LIC के पास 18.76% हिस्सा बचेगा, यानी दोनों के पास कुल मिलाकर केवल 34% हिस्सेदारी रहेगी।
इसका मतलब है कि IDBIबैंक की 66% पूंजी किसी निजी निवेशक के हाथों में चली जाएगी। इसलिए यह प्रस्ताव सीधे तौर पर बैंक का निजीकरण है।
महापात्र ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जो बोलीदाता इस बैंक को खरीदना चाहते हैं, वे कनाडा और दुबई जैसे विदेशी निवेशक हैं। अत: यह न सिर्फ निजीकरण है, बल्कि वास्तव में विदेशीकरण भी है और शर्म की बात है कि स्वयं को राष्ट्रभक्त कहने वाली सरकार इसे विदेशी हाथों में बेच रही है।
महापात्र ने कहा कि यह जनता के पैसे की खुली लूट है । उन्होंने आम जनता से भी बैंक कर्मचारियों के 11 अगस्त के हड़ताल के समर्थन की अपील की ।इस प्रदर्शन को आर डी आई ई यू के महासचिव सुरेंद्र शर्मा ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता राजेश पराते ने की ।


