रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 अगस्त। पूरे छत्तीसगढ़ के डाकघर नए साफ्टवेयर आईटी 2.0 पर काम करने लगे हैं। इस गति अत्यंत धीमी होने से डाकघरों में उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखने को मिल रही है।
डाकघर विभाग ने 18 जुलाई को राजधानी के मुख्य और अन्य उप डाकघरों को 10 वर्ष पुराने सेप के बजाय न?ए साफ्टवेयर आईटी 2.0 को अपलोड किया था। और उसके बाद कल रविवार को शेष प्रदेश के सभी डाकघर अपडेट किए गए। इस तरह से पूरे छत्तीसगढ़ सर्किल में न?ए साफ्टवेयर से काम काज का आज पहना दिन था। और सरगुजा से बस्तर तक के डाकघरों में उपभोक्ताओं की लंबी कतार देखने को मिली। सेप में जो काम चंद मिनटों में होता रहा उसमें अब घंटे भर लग रहे हैं।? इस वजह से कुछ डाकघरों में एक व्यक्ति से पांच स्पीड पोस्ट रजिस्ट्री पार्सल ही बुक किए जा रहे हैं। डाक कर्मी
इसके पीछे मुख्य कारण कंप्यूटरों का पुराने वर्जन का होना और इंटरनेट नेटवर्क का कमजोर होने से बार बार आफलाइन हो रहा है। एक बार लिंक फेल होने पर 15-20 मिनट नेट कनेक्ट नहीं हो पा रहा। नेटवर्क सुधार के लिए डाक विभाग और बीएसएनएल के बीच समन्वय की कमी साफ नजर आ रही है। आला अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
हजारों राखियां डाकघर में ही जाम
दूसरी ओर डाक सामग्री का विक्रय और बुकिंग इस नए साफ्टवेयर में शामिल समायोजित किया गया है। इसलिए भी दिक्कत हो रही है। इस समय सबसे बड़ी समस्या रक्षाबंधन के लिए राखी मेल डिलीवरी की है। डाकघरों में राखी बुकिंग के साथ डिलीवरी में स्टाफ दिक्कतों का सामना कर रहा है। मुख्य डाकघर समेत सभी डिलीवरी उप डाकघर में हजारों राखियां डिलीवरी के लिए रूक गई हैं। और त्योहार को मात्र तीन दिन शेष रह गए हैं। घंटों तक कतार में लगे कर बहनों के भेजे राखियों को विभाग 8 अगस्त तक भाइयों को पहुंचाने में विफल होता नजर आ रहा है। पर्व बीतने के सप्ताह भर बाद तक डिलीवरी का सिलसिला जारी रहेगा। सूत्रों का कहना है कि लोगों की नाराजग़ी से बचने विभाग के अफसरों ने राखी भरे लिफाफों के बोरे डाक वस्तु भंडार परिसर में छिपाने के विकल्प पर भी विचार ऐ रहा है। संभव हो कि नौ अगस्त को सभी डाकघर साफ सुथरे नजर आए।


