रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 अगस्त। राजधानी के एक डॉक्टर के साथ उसके ही क्लिनिक में काम करने वाले कर्माचारी ने ट्रेडिंग में मुनाफ का झांसा देकर करोड़ों रूपए का चूना लगा दिया। डॉ. बी. बालाकृष्णा के साथ मनोज चांवला, उसकी पत्नी खुशबू चांवला और परिवार के अन्य सदस्यों ने 1.50 करोड़ रुपए की ठगी कर दी। पुलिस ने धारा 409, 120बी और 34 के तहत अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
जानकारी के मुताबिक डॉ. बालाकृष्णा, जो शंकर नगर स्थित एचआईजी कालोनी में निवास करते हैं और एडवांस चेस्ट सेंटर क्लिनिक का संचालक है। उन्होंने बतायया कि चार साल पहले मनोज चांवला क्लिनिक में इलाज के बहाने आता-जाता था। कोविड के दौरान डॉ. बालाकृष्णा ने उसके परिवार और मित्रों का भी इलाज किया था। बाद में मनोज चांवला, उसकी पत्नी खुशबू, चेतन, नैना और मां कांता नियमित चेकअप कराने आया करते थे।
जब डॉक्टर बालकृष्णा फार्मेसी और लैब के लिए स्टॉफ तलाश रहे थे, तब मनोज और उसके परिवार के लोगों ने खुद को अनुभवी होना बताकर प्रबंधन का जिम्मा संभाल लिया। इस बीच, अस्पताल के विस्तार के लिए डॉक्टर बालकृष्णा को ज्लल्द पैसों के इंतजाम के लिए शेयर ट्रेडिंग से मुनाफा होने की बात कही। इस पर डॉ. बालाकृष्णा ने विश्वास कर 2022 तक मनोज और उसके परिवार को किस्तों में कुल 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सौंप दी। शुरूआत में वे मुनाफे की राशि देते रहे। इसके बाद वे मुकर गए और पैसे देने से साफ इनकार कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने एक समझौता पत्र के माध्यम से 1 करोड़ रुपए लौटाने की सहमति दी। जिसमें यह उल्लेख भी किया गया कि शेष कोई दावा नहीं किया जाएगा। 31 जून 2024 को बने इस समझौते में हर माह 15-15 लाख रुपए लौटाने की बात कही गई और इसके लिए डॉ. बालाकृष्णा से 10 चेक लिए गए। इस प्रकार मनोज चांवला और उसके परिवारजनों ने धोखाधड़ी को अंजाम दिया । पुलिस ने पूर्व में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है और आरोपियों की पूर्ववृत्तियों की भी जांच की जा रही है।


