रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 2 अगस्त। सेफगार्डिंग इन्टरेस्ट ऑफ चिल्ड्रन विथ डिसेबिलिटिस विषय पर छत्तीसगढ़ पुलिस एवं यूनिसेफ ने एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर ?आईजी अजय यादव ने बताया कि जिलों में पदस्थ विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) एवं बाल कल्याण पुलिस अधिकारी(सीडब्ल्यूपीओ) सहित अन्य पुलिस अधिकारियो दिव्यांग बच्चों से संबंधित प्रकरणों की विवेचना कैसी की जानी है वहीं दूसरी ओर पुलिस की संवेदनशीलता ऐसे बच्चों के साथ कैसी होनी चाहिए, इस पर प्रशिक्षण दिया जायेगा।
मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए पुलिस को कानून के पार जाकर बच्चों को समझना आवष्यक है, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। इस हेतु सभी स्टेकहोल्डर्स का सपोर्ट एवं भागीदारी अत्यावष्यक है तथा पुलिस को यथोचित पहल भी करनी होगी, क्योंकि ऐसे प्रकरणों में पुलिस फर्स्ट रिस्पांडर होती है, जिसके कारण जवाबदेही ज्यादा होती है। नई दिल्ली से आए विषय विषेषज्ञ प्रतीक अग्रवाल एवं समाज कल्याण विभाग के सहायक संचालक कमल सिंह भदोरिया ने प्रतिभागियों को समाज की जवाबदेही, मौजूद कानूनी प्रावधानों, पुलिस के कर्तव्य सहित दिव्यांग जन हेतु राज्य एवं केन्द्र सरकार की प्रचलित एवं आगामी योजनाओं पर प्रकाश डाला । कार्यषाला में विभिन्न जिलों व पुलिस मुख्यालय के 25 राजपत्रित अधिकारियों सहित कुल 135 पुलिस अधिकारियों ने भाग लेकर इसका लाभ उठाया। इस अवसर पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती पूजा अग्रवाल, चाईल्ड प्रोटेक्षन ऑफिसर, यूनिसेफ श्रीमती चेतना देसाई सहित पुलिस मुख्यालय के अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।


