रायपुर

अब स्टेनो कैडर से अवर सचिव नहीं बन पाएंगे, उनके लिए 9 नए पद का प्रस्ताव
01-Aug-2025 7:15 PM
अब स्टेनो कैडर से अवर सचिव नहीं बन पाएंगे, उनके लिए 9 नए पद का प्रस्ताव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 1 अगस्त। अब स्टेनो कैडर के लोगों को अवर सचिव पद पर पदोन्नति  नहीं मिलेगी।  अब लिपिकीय संवर्ग के अनुभाग अधिकारी ही अवर सचिव पदोन्नत होंगे। स्टेनो कैडर के स्टाफ आफिसर, अवर सचिव पदनामित नहीं किए जाएंगे। इनके लिए स्टेनो कैडर में ही वरिष्ठ स्टॉफ ऑफिसर और अन्य पद निर्मित किए जाएंगे। इसके लिए नो नए पद सृजित किए जाएंगे।राजपत्र में  प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार अब उनके लिए आरक्षित अवर सचिव के 10 फीसदी पद लिपिकीय कैडर को मिल गए हैं। यानी अब कुल 70त्नपद मंत्रालय संवर्ग के अनुभाग अधिकारियों की  पदोन्नति से भरे जाएंगे। अवर सचिव के शेष 30त्न पद अन्य विभागों के संवर्ग से लिए जाएंगे।

इससे पहले अविभाज्य मप्र काल से स्टेनो टाइपिस्ट कैडर के लोग स्टाफ आफिसर से पदनामित होकर अवर सचिव बनते थे। एक तरह से यह एक विसंगति ही थी। इसे खत्म करने  मंत्रालय कर्मचारी संघ लगातार मांग करता रहा है।

 जबकि उनके भर्ती नियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। यहां तक की इस पदोन्नति को लेकर डीपीसी भी नहीं होती, स्वयंमेव तरीके से पदोन्नत हो जाते रहे हैं। और काम  विभागों में अवर सचिव का न करते हुए वही टेलीफोन लगाने,रिसीव करने और फाइल मेंटेनेंस के साथ आला आईएएस अफसरों के निजी काम करते रहे। इनकी वजह से, लिपिक कैडर के लिए पदोन्नतियां कम होती थी।

केवल आईएएस अफसरों से निकटता का लाभ उठा कर मप्र काल से मंत्रालय कैडर के सेटप में 10 फीसदी पद  अपने लिए जुड़वा लिए गए। स्टाफ आफिसर से अवर सचिव  उप सचिव और संयुक्त सचिव तक पदोन्नति मिलती रही।  जबकि लिपिकीय कैडर में अनुभाग अधिकारी से पदोन्नति पर अवर सचिव फिर ऊपर पदस्थ होते रहे है। इनके लिए उप, संयुक्त सचिव की पदोन्नति के लिए कोई नियम भी नहीं बनाए गए। बस 10 फीसदी नामित पद पर पदोन्नति मिलती रही।

उन्हीं अफसरों से सीआर में क प्लस लेकर उप संयुक्त सचिव तक बनते रहे। इस विसंगति पर पू्र्व जीएडी सचिव पी अन्बलगन, फिर  अविनाश चंपावत के बाद रजत कुमार ने गंभीरता से कार्रवाई करते हुए नए नियम बनाए और  भर्ती पदोन्नति नियमों में शामिल करवाया।  इस तरह से अवर सचिव के पदों पर अगली पदोन्नति नए  संशोधित नियम पर ही होगी। यानी अब अवर सचिव के 70 प्रतिशत पद अनुभाग अधिकारियों से भरे जाएंगे।

संशोधन की यह प्रक्रिया 15 वर्षों तक  चली। वर्ष ,2012 में बने भर्ती नियमों के दौरान भी  पदनामित पदों पर निर्णय नहीं लिया जा सका। मंत्रालय संघ इसे लेकर अपने प्रयास जारी रखे हुए था। कांग्रेस शासन काल में भी संघ के नेताओं ने सचिव जीएडी के  तीन-तीन सचिवों से  चर्चाएं हुई। इस दौरान स्टेनो कैडर के कर्मचारियों ने काफी विरोध किया। इस पर मंत्रालय कर्मचारी संघ ने केंद्रीय सचिवालय, झारखंड समेत एक दो अन्य राज्यों की तरह  स्टेनो कैडर में पदोन्नति के लिए यहां भी स्टाफ आफिसर से उपर वरिष्ठ स्टाफ आफिसर, प्रधान वरिष्ठ स्टाफ आफिसर जैसे पद देने और कैडर के  सेटअप को अलग ही संचालित करने का विकल्प भी दिया। इसके लिए लिपिक कैडर के सेटअप से नो पद हस्तांतरित करने की भी हामी भरी। लेकिन स्टेनो कैडर के लोग सहमत नहीं हुए। अब इनके पास इसे स्वीकारने के कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है।


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