रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 जुलाई। राजधानी रायपुर में ठगी के दो अलग-अलग मामलों में कुल 37.55 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इनमें एक ने दो लोगों को सरकारी नैाकरी लगाले 20.50 और दूसरे ने शेयर मार्केट में फायदा दिखाकर 17.05 लाख रूपए ले लिए। दोनों ही मामलों में शिकायतकर्ताओं ने टिकरापारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जहां पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला- सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 20.50 लाख की ठगी, रायपुर के भाठागांव निवासी जनक कुमार साहू ने थाना में शिकायत दर्ज कराई है कि दो साल पहले उसकी मुलाकात दधीबल सिंह ऊर्फ डेविड तिग्गा से पचपेड़ी नाका, रायपुर में हुआ था। जिसके बाद दोनों को जान पहचान हुआ। डेविड ने खुद को इन्द्रावती भवन मंत्रालय, नवा रायपुर में र्क्लक पद पर होना बताया। और बडे अधिकारियों से जानपहचान और शासकीय नौकरी लगवाने की बात कही। तग जनक साहू ने उस पर भरोसा किया। उसी समय आदिम जाति अनुसूचित जाति विभाग में छात्रावास अधीक्षक के 300 पदों के लिए विज्ञापन निकला था। तब दधीबल सिंह ऊर्फ डेविड तिग्गा को बताने पर कहा कि तुम छात्रावास अधीक्षक का फार्म भर दो जिसका परीक्षा सितम्बर 2024 मे होगा तब मैं छात्रावास अधीक्षक नौकरी लगवा दुगां और नौकरी लगाने के लिए 11 लाख रूपए की मांग की। तब जनक साहू ने ग्राम केवटीनढोढी, सारंगढ़, निवासी संजय चौहान और खुद के लिए बात की और दोनों ने कुल 20.50 लाख रूपए दधीबल सिंह ऊर्फ डेविड तिग्गा को दे दिए।
रिजल्ट के बाद जब नौकरी नहीं मिली तो आरोपी ने दोनों को 10 लाख का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इस प्रकार दधीबल सिंह ऊर्फ डेविड तिग्गा ने सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधडी कर 2.10.2023 से 3.10.2024 तक कुल 20,50लाख रूपए लेकर धोखाधड़ी कर दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी है।
दूसरा मामला: शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 17.05 लाख की ऑनलाइन ठगी
दूसरे मामले में सूरज कुमार घोष, निवासी आदर्श नगर मठपारा, रायपुर ने शिकायत की है कि किसी अज्ञात मोबाइल 8401520396 के धारक ने व्हाट्सएप नम्बर के जरिए संपर्क कर एक फर्जी ‘आनंद राठी शेयर ऐप’ के माध्यम से निवेश का झांसा दिया। अज्ञात व्यक्ति ने 23 जून से 8 जुलाई 2025 के बीच 17,05,000 रूपए का ऑनलाइन ट्रांसफर करवाया। पीडि़त ने इसकी शिकायत 11 जुलाई को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद अब थाना टिकरापारा में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही साइबर सेल व बैंकिंग माध्यमों के जरिए ट्रांजेक्शन डिटेल खंगाले जा रहे हैं।


