रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप लखपति दीदियां किस तरह अपने उद्यम से अपना संसार बदल रही हैं इसका उदाहरण पचेड़ा ग्राम में झरिया अल्कलाइन वाटर बाटलिंग प्लांट चलाने वाली शारदा समूह की महिलाएं हैं। एक छोटी सी शुरूआत अब बड़ा रूप लेने लगी है। हर दिन 5 हजार बोतल पानी बनाने वाले इस प्लांट से अब मंत्रालय, जंगल सफारी, आईआईआईटी, एनआरडीए, पर्यावास भवन और रायपुर कलेक्टोरेट की बैठकों में भी सप्लाई होने लगी है। अभनपुर ब्लॉक स्थित पचेड़ा गांव का ‘झरिया’ अल्कलाइन वॉटर बॉटलिंग प्लांट। यह प्लांट नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण और राष्ट्री ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के संयुक्त प्रयास से स्थापित किया गया है और इसका संचालन शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं। इस हाईटेक प्लांट में प्रतिदिन 5000 बोतलें भरने की क्षमता है। आधुनिक तकनीक से लैस इस प्लांट में दो प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, जहां जल की शुद्धता और उसका श्च॥ स्तर जो सामान्यत: 8 से 8.5 के बीच रखा जाता है की नियमित जांच होती है। जल को 500द्वद्य की काँच की बोतलों में पैक किया जाता है जिससे प्लास्टिक प्रदूषण पर रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है।
श्रीमती ऊषा बारले, कहती हैं: मुख्यमंत्री जी ने हमें यह अवसर देकर सौगात दी है। पहले हम काम की तलाश में इधर-उधर भटकते थे, अब गांव में ही स्थायी स्वरोजगार मिला है। श्रीमती नंदकुमारी बारले बताती हैं: पहले मजदूरी करते थे, काम कभी मिलता था, कभी नहीं। अब अपने गांव में ही सम्मानजनक काम मिल रहा है। परिवार का जीवन पहले से बेहतर हुआ है। एक बोतल पानी की कीमत 58.20 रुपए है, जिसमें बोतल की कीमत 50 रुपए है। बोतल वापसी के समय ये राशि वापस दे दी जाती है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह- बाजार से कम कीमत पर एल्कलाइन पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से उत्तम है। झरिया पानी बोतल कांच की होने के कारण इको-फ्रेंडली है।
यहां मिलेगा एल्कलाइन पानी बोतल
जिला पंचायत परिसर स्थित बिहान संगवारी हाट, ब1 कैफे एवं ग्राम पचेड़ा स्थित बॉटलिंग प्लांट में आप संपर्क कर सकते हैं। नवा रायपुर अब ‘नो प्लास्टिक जोन’ की दिशा में बढ़ रहा है। ‘झरिया’ प्लांट न केवल एक वॉटर बॉटलिंग यूनिट है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य संवर्धन की एक आदर्श कहानी बन चुका है।


