रायपुर

तापस वेश बिसेष उदासी, चौदह बरिस रामु बनवासी- महन्त
22-Jun-2025 5:55 PM
तापस वेश बिसेष उदासी, चौदह बरिस रामु बनवासी- महन्त

भरत मिलाप नाटक का मंचन


‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 जून। पुरानी बस्ती  स्थित जैतू साव मठ के गांधी भवन में भरत मिलाप नाटक का मंचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  महन्त रामसुन्दर  दास,  ने कहा कि-  भरत जी के चरित्र का उल्लेख करते हुए कहा कि - सिर भर जाऊं उचित अस मोरा। सबते सेवक धरमु कठोरा।  विधायक सुनील सोनी ने कहा कि - भारत अनेक भाषा, अनेक विद्या, अनेक धर्म, अनेक जातियों का गुलदस्ता है। उसके बावजूद यह अखंड और एक क्यों है? उसके पीछे केवल एक ही कारण है संस्कार, संस्कृति और अध्यात्म। यही हमारे देश की पहचान है।  सभी अतिथियों ने नाट्य मंचन की  सराहना की। इस अवसर पर विशेष रूप से दाऊ महेंद्र अग्रवाल, अजय तिवारी, सुरेश शुक्ला, शहर भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, महन्त राजीव नयन शरण महाराज, अंबर अग्रवाल, कार्यक्रम के आयोजक राकेश सिंह, प्रकाश ठाकुर, राहुल उपाध्याय, राजेश अग्रवाल, राजकुमार पांडे, किशोर वैभव जायसवाल, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

 


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