रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 जून। आधार को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा, पी.डी.एस. आदि अनेक सेवाओं से इन्टीग्रेट किया जा रहा है। यह जानकारी भारतीय विशिष्ट प्राधिकरण के सीईओ भुवनेश कुमार ने दी।
छत्तीसगढ़ को आधार-समर्थित सेवाओं द्वारा सुशासन का आदर्श मॉडल बनाने की नियत से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण और चिप्स के संयुक्त पहल पर आधार के उपयोग द्वारा अधिकतम लाभ विषय में आज यहां राजधानी रायपुर के सिविल लाइन्स स्थित न्यू सर्किट हाउस में कार्यशाला का आयोजन किया गया ।
कार्यशाला का शुभारम्भ करते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भुवनेश कुमार ने छत्तीसगढ़ शासन और चिप्स को आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनका प्रथम छत्तीसगढ़ दौरा है और उन्हें यह देख कर सुखद अनुभूति हुई कि आई.टी. के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तीव्र गति से प्रगति के पथ पर अग्रेसित है । भुवनेश कुमार ने बताया कि देश में लगभग 140 करोड़ आधार बने हैं, जिसकी सहायता से हितग्राहियों को सीधे लाभ का वितरण किया जा रहा है । वर्तमान समय में आधार आम नागरिकों की प्रगति का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है। भुवनेश कुमार ने जानकारी दी कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा आधार एनरोलमेंट और अपडेशन के लिए नवाचार का उपयोग कर नया साफ्टवेयर बना कर पूर्ण प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है, ताकि आधार बनाने की प्रक्रिया में होने वाली गडबडियों की आशंका को कम किया जा सके । आधार को और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, पेन कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा, पी.डी.एस. आदि अनेक सेवाओं से इन्टीग्रेट किया जा रहा है ।
उद्घाटन सत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने आधार की भूमिका को समावेशी, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन की नींव बताते हुए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया । प्रमुख सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि आधार, भारत का सबसे परिवर्तनकारी डिजिटल पहचान मंच बन चुका है, जिसकी सहायता से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है । श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने यू.आई.डी.ए.आई. द्वारा इस कार्यशाला के आयोजन की सराहना की, जो विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाने में सफल रही है । उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पेंशन, मनरेगा मजदूरी भुगतान, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित कई सेवाओं में आधार का सफल इंटीग्रेशन किया है। इसके अलावा, ई-डिस्ट्रिक्ट, लोक सेवा गारंटी और राज्य डी.बी.टी. पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफार्मों में आधार की भूमिका को और अधिक सशक्त किया जा रहा है ।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए रीजनल ऑफिस हैदराबाद की डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्रीमती पी. संगीता ने बताया कि आधार पिछले दो दशकों में अभूतपूर्व परिवर्तन से गुजर चुका है। यह अब सिर्फ 12 अंकों की संख्या नहीं रह गया है, बल्कि यह एक समग्र सुशासन और डिजिटल भारत की आधारभूत संरचना बन चुका है । आधार से संबंधित नियम और नीतियों में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं, जिसे सभी हितधारकों के साथ साझा किया जाता है । इसी क्रम में आज आधार कार्यशाला का दूसरा संस्करण आयोजित किया जा रहा है । कार्यशाला में चिप्स द्वारा प्रदेश में नियुक्त किये गये 14 ऐसे आधार ऑपरेटरों को जिन्होंने विगत छ:माह में अत्यंत कम त्रुटि के साथ आधार एनरोलमेंट और अपडेशन किया है, उन्हें सम्मानित किया गया। इनमें सुश्री प्रियंका सिंह बलरामपुर जिला, प्रीतम कुमार बघेल जिला नारायणपुर, प्रमोद कुमार नाग जिला सुकमा, सुश्री पुष्पलता मानिकपुरी जिला दंतेवाड़ा आदि शामिल हैं।
कार्यशाला में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भुवनेश कुमार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमल प्रीत सिंह, राजस्व विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, रीजनल ऑफिस हैदराबाद की डिप्टी डायरेक्टर जनरल श्रीमती पी. संगीथा, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित राज्य के 100 से अधिक वरिष्ट प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया ।


