रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 जून। दक्षिण पश्चिम मानसून गुजरात के कुछ और भाग, विदर्भ के बचे भाग, मध्य प्रदेश के कुछ और भाग, छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्से, उड़ीसा के बचे हुए भाग, झारखंड के कुछ और भाग, गंगेटिक पश्चिम बंगाल के संपूर्ण हिस्से, उप हिमालयीन हिमालय पश्चिम बंगाल के बचे हुए हिस्से, तथा बिहार के कुछ और भागों में पहुंच गया है। इसकी उत्तरी सीमा दिशा, इंदौर, पचमढ़ी, मालदा, अंबिकापुर, हजारीबाग, सुपौल है। दक्षिण पश्चिम मानसून को आगे बढऩे के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई है। एक निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिणी पश्चिमी बांग्लादेश और उससे लगे गंगेटिक पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए और अधिक प्रबल होने की संभावना है। एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल में 5.8 किलोमीटर पर, 72 डिग्री पूर्व और 30 डिग्री उत्तर में स्थित है।
प्रदेश में कल 18 जून को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पडऩे और एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने तथा वज्रपात होने की संभावना है। राजधानी में मंगलवार को सुबह से ही बादल घिरे हुए हैं। लेकिन कहीं भी बारिश नहीं हुई। हालांकि इससे दिन के तापमान में गिरावट रही।


