रायपुर
विरोध में उतरा दवा विक्रेता संघ, स्वास्थ्य मंत्रियों को भेजा ज्ञापन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 12 जून। केंद्र सरकार ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दवाओं की बिक्री को सुपरमार्केट और जनरल स्टोर्स में अनुमोदित करने संबंधी प्रस्ताव पर जिला दवा विक्रेता संघ, रायपुर ने विरोध दर्ज कराया है। इस संबंध में संघ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से विरोध दर्ज कराया है।
संघ के संरक्षक वासू देव जादवानी अध्यक्ष विनय कृपलानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अश्वनी विग एवं सचिव संजय कुमार रावत ने बताया कि यह प्रस्ताव जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि पेनकिलर, कफ सिरप, एंटीपायरेटिक्स जैसी दवाएं बिना फार्मासिस्ट की निगरानी के बेचने से दुरुपयोग, अधिक सेवन, लत और सेल्फ मेडिकेशन जैसी गंभीर स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।
संघ पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि ओटीसी दवाएं चाहे डॉक्टर की सिफारिश से हों या न हों, उनका विक्रय केवल लाइसेंस प्राप्त फार्मेसियों के माध्यम से होना चाहिए, जैसा कि ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट में स्पष्ट रूप से प्रावधानित है।
उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि छत्तीसगढ़ राज्य देश की कुल औषधि खपत में लगभग 4-5त्न योगदान देता है, और इस तरह के निर्णय से हजारों स्थानीय दवा व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जो पहले ही ऑनलाइन और अनैतिक व्यापारिक प्रथाओं के कारण दबाव में हैं।
संघ ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करे और केवल योग्य फार्मासिस्टों की देखरेख में दवा विक्रय सुनिश्चित करे, ताकि जनहित सुरक्षित रह सके। संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रयासों के साथ है, लेकिन यह जनस्वास्थ्य की कीमत पर नहीं होना चाहिए।


