रायपुर
हम अपना काम कर रहे आयोग नहीं कर रहा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 अगस्त। अगले चुनाव के लिए वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने और कटवाने को लेकर जिला व तहसील दफ्तरों में हलचल बढ़ गई है । लेकिन बूथ स्तर पर कहीं ज्यादा ढिलाई देखी जा रही है।
जानकारों का कहना है कि बूथ लेवल आफिसर बूथ में बैठ नहीं रहे है। इस वजह से वोटर नाम जुड़वाने और कटवाने के आवेदन बूथ में जमा न कर तहसील व कलेक्टोरेट के निर्वाचन शाखा के चक्कर लगा रहे हैं। यहां भी आवेदन ले लिया जा रहा है ,नाम जुड़ रहे या कट रहे इसकी प्रक्रिया होते नजर नहीं आ रही। ऐसे आवेदनों के ढेर लग गए हैं। बी एल ओ की बूथ से गैरहाजिरी को विपक्षी दल बसपा, भाजपा और आप के नेता सत्तारूढ़ कांग्रेस का षड्यंत्र बता रहे हैं। इन पार्टियों के चुनाव से जुड़े नेताओं ने पिछले दिनों सीईओ रीना कंगाले के साथ हुई बैठक में इसकी शिकायत की थी। साथ ही आयोग के दिल्ली मुख्यालय को भी ईमेल के जरिए जानकारी दी गई है ।
इन्हीं सूत्रों ने बताया कि बी एल ओ के पास नाम जोडऩे/ कटवाने के लिए भरे जाने वाले फार्म 6 और 7 नहीं हैं। ये फार्म भी पार्टी ने छपवाकर उपलब्ध कराया है। इन नेताओं ने पिछले अक्टूबर में हुए पुनरीक्षण के वक्त भी आपत्ति की थी। बूथ से लेकर डी आर ओ के पास आवेदन लंबित हैं, नाम जोडऩे,काटने का काम नहीं हो रहा है। अमला पूरी तरह से सुस्ती बरत रहा है या दलीय दबाव है ,स्पष्ट होना चाहिए। नेताओं ने सीईओ से कहा था कि हम लोग अपना काम कर रहे हैं लेकिन आयोग अपना काम नहीं कर रहा है।
एक शिकायत ऐसी भी
इन विपक्षी दलों ने यह शिकायत भी की है कि कुछ सीटें पर जाति विशेष के लोगों के नाम बहुतायत में जोड़े और कटवाने या भी खेल शुरू हो गया है। कवर्धा, राजधानी के ग्रामीण और दक्षिण के संजय नगर ,मोती नगर, बिरगांव में एक ही समुदाय के थोक में नाम जोड़े गए हैं। ये नाम पड़ोसी राज्यों की सूची में भी आसानी से चिन्हित हो रहे हैं। फिलहाल आयोग ने इस पर कोई संग्यान नहीं लिया है। संकेत है कि वह प्रारंभिक प्रकाशन के बाद ही कोई फैसला करेगा।



