रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 जुलाई। कर्मचारी नेता एवं आम आदमी पार्टी के जिला सचिव विजय कुमार झा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा भारतीय संविधान के कानून के समक्ष समानता के अधिकार संबंधी उपबंध के लिए आंदोलन कर रही है।
एक देश, एक कानून, एक संविधान, समान नागरिकता, के नीति को अपनाने वाले केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों में महंगाई भत्ता, गृह भाड़ा भत्ता, नगर क्षतिपूर्ति भत्ता आदि में भेदभाव कर रही है। जब एक बाजार, एक कानून, एक शहर, बाजार में मूल्य भी एक तो फिर महंगाई भत्ता में भेदभाव क्यों होना चाहिए। केंद्रीय कर्मचारियों को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता, राज्य सरकार के कर्मचारियों को 33 से 5त्न बढ़ाकर 38 प्रतिशत महंगाई भत्ता, तथा 10 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता और केंद्रीय कर्मचारियों को 20 प्रतिशत गृहभाड़ा भत्ता,आज भी नगर क्षतिपूर्ति भत्ता ? 75 मात्र है। ऐसी स्थिति में कर्मचारी कानून के समक्ष समानता के अधिकार व भेदभाव की नीति को समाप्त करने आंदोलन कर रहे हैं। राज्य सरकार ने 7 जुलाई के आंदोलन को कुचलने के लिए ब्रेक इन सर्विस एवं वेतन काटने संबंधी कर्मचारी विरोधी आदेश जारी किया है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिला रहे हैं। श्री झा ने कहा है कि नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाने से सरकार नहीं बनेगी। प्रदेश के 5 लाख कर्मचारियों से हाथ मिलाने पर शायद छत्तीसगढ़ में पुन: सरकार बन सके। श्री झा ने आरोप लगाया है कि 1 अगस्त से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन आंदोलन को कुचलने के लिए ही राज्य सरकार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा 2004 में जारी किए गए ब्रेक इन सर्विस के आदेश को पुन: लागू की है।
इससे कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं। कर्मचारियों का एक ही नारा है दमन से दफ्तर नहीं खुलेंगे। दूसरी ओर अनियमित कर्मचारी अत्यंत आक्रोशित हैं। चुनावी घोषणा पत्र का पालन करते हुए उन्हें नियमित किया जाए। अन्यथा सरकार स्वयं अनियमित हो जावेगी।


