रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 अप्रैल। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट श्रीमती किरण थवाईत की अदालत ने गांजा तस्करी दो आरोपियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और 2-2 लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। इन्हें आमानाका ने तीन साल पहले गिरफ्तार किया था। मुखबिर से सूचना पर 20 दिसंबर 23 को सरोना स्थित डूमरतालाब मार्ग पर एक ईको कार (एम्बुलेंस) में सवार चार लोगों को घेरा था। तलाशी के दौरान वाहन की डिक्की से 72 पैकेटों में भरा कुल 364 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने मौके पर ही जप्ती की कार्रवाई की। सवार 4 में से तीन फरार हो गए, जबकि चालक सूरज खुंटे को मौके पर पकड़ लिया गया। फरार एक अन्य कमलकांत चंद्रा उर्फ गोलू को छ महीने बाद 20 जून 24 को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए। सुनवाई के दौरान आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाने का दावा किया, लेकिन अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर इसे खारिज कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों—सूरज खुंटे और कमलकांत चंद्रा—को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी )(2)(सी ) के तहत दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।


