रायपुर
प्रकाशकों के चक्कर लगने शुरू
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 मई। कुलाधिपति विश्वभूषण हरिचंदन ने सत्र 2023-24 से स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम को मंजूरी दे दी है। यह पाठ्यक्रम त्रिवर्षीय, सेमेस्टर कक्षाओं के लिए नयी शिक्षा नीति के तहत केंद्रीय अध्ययन मंडल ने तैयार किया था।
इसके साथ ही इस पाठ्यक्रम के अनुसार किताबें प्रकाशित की जाएंगी । जो प्रदेश के 9 शासकीय विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त कुल पांच सौ अधिक कालेजों में पढ़ाई जाएंगी। प्रदेश में हर साल सवा लाख से अधिक बच्चे प्रथम वर्ष में एडमिशन लेते हैं। इतनी बड़ी तादाद में हर विषय की किताबे प्रकाशित करनी होती है। इस नजरिए से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा, एक बड़ा बाजार है। और किताबें प्रकाशित करने प्रकाशकों को अनुमति विभाग ही देता है। क्योंकि स्कूलों के लिए पापुनि की तरह उच्च शिक्षा विभाग किताबों का प्रकाशन नही करता।
इसे देखते हुए दिल्ली, उत्तर प्रदेश और दक्षिण के राज्यों के प्रकाशक उच्च शिक्षा सचिवालय के चक्कर लगाने लगे हैं। यह बड़े कमीशन, सौजन्य भेंट का भी मामला भी है।
केंद्रीय अध्ययन मंडल ने यू जी/ पीजी के 12 संकाय के 39 विषयों के पाठ्यक्रम तय किए हैं। इन्हें आयुक्त उच्च शिक्षा शारदा वर्मा ने पिछले पखवाड़े कुलाधिपति विश्वभूषण हरिचंदन से मंजूरी के लिए अग्रेषित किया था। जिसे उन्होंने गुरूवार को मंजूरी दे दी । वहीं शासकीय वेटनरी, उद्यानिकी और कृषि विश्वविद्यालयों ने अभी पाठ्यक्रम तय नहीं किया है।


