मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेंद्रगढ़, 22 मई। शावकों के साथ जंगल में विचरण कर रही मादा भालू ने तेंदूपत्ता तोडऩे गए ग्रामीण पर हमला कर दिया। भालू के हमले से ग्रामीण के चेहरा व शरीर के अन्य भाग में गहरी चोंट आने के साथ ही दायां हाथ फैक्चर हो गया।
घायल को परिजनों ने ग्रामीणों की सहायता से जनकपुर अस्पताल लेकर आए, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखकर चिकित्सकों ने उच्च चिकित्सालय भेज दिया।
कोरिया वनमंडल अन्तर्गत कोटाडोल वन परिक्षेत्र के जंगल में ग्राम कोटाडोल निवासी संतलाल सिंह अपनी पत्नी कलावती सिंह एवं बेटी संजना सिंह के साथ तेंदूपत्ता तोडऩे गया हुआ था। जंगल में सभी तेंदूपत्ता तोड़ ही रहे थे कि तभी अचानक मादा भालू अपने शावकों के साथ घूमते हुए वहां पहुंच गई और संतलाल सिंह के परिवार से अचानक आमना-सामना हो गई।
मादा भालू ने संतलाल पर हमला कर दिया। नजदीक ही तेंदूपत्ता तोड़ रही उसकी पत्नी एवं पुत्री संजना ने तेज आवाज से बचाओ बचाओ की आवाज कर हल्ला मचाया तो मादा भालू शावकों के साथ वहां से भाग गयी। तब घायल की पत्नी कलावती सिंह ने आसपास तेंदूपत्ता तोड़ रहे अन्य ग्रामीणों की सहायता से घायल संतलाल सिंह को गांव तक लाई और घटना की सूचना वन विभाग को देकर, इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर ले आई।
चिकित्सकों ने घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के पश्चात बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सालय भेज दिया। वहीं घटना की सूचना मिलने पर वन परिक्षेत्राधिकारी कोटाडोल के द्वारा दो हजार रुपए तात्कालिक सहायता राशि के रूप में घायल की पत्नी को दिया है।


