मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेंद्रगढ़, 8 जनवरी। पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरो ने जिला एमसीबी के कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग , कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, नई दिल्ली, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन को विस्तृत शिकायती पत्र प्रेषित किया है।
शिकायती पत्र में गुलाब कमरो ने आरोप लगाया है कि कलेक्टर, जिला एमसीबी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय कर्मचारियों के विरुद्ध नियमविरुद्ध, एकतरफा एवं दमनात्मक कार्रवाई की गई, जो न केवल शासकीय सेवा नियमों बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों एवं संवैधानिक अधिकारों के भी विपरीत है।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप
शासकीय कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान करना, कार्यालय परिसर में पुलिस बुलाकर दबाव का माहौल बनाना, कलेक्टर कार्यालय में कर्मचारियों को जबरन बैठाकर दमनात्मक कार्रवाई करना, शासन के नियमों के विपरीत बिना सुनवाई एकतरफा निलंबन आदेश जारी करना
हड़ताल समर्थन के दौरान की घटना
शिकायत के अनुसार, 30 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी/अधिकारी फेडरेशन (एस.सी.सी.) के पदाधिकारी — गोपाल सिंह (व्यायाम शिक्षक), सुरेन्द्र प्रसाद (सफाई कर्मचारी) एवं संजय पाण्डेय (राजस्व निरीक्षक) तीन दिवसीय आंदोलन के दूसरे दिन हड़ताल के समर्थन में कलेक्टर कार्यालय, मनेंद्रगढ़ पहुंचे थे।
गुलाब कमरो का आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार का दबाव, दुव्र्यवहार या अमर्यादित आचरण नहीं किया गया, बल्कि उन्होंने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में कर्मचारियों से स्वेच्छा से आंदोलन में सहयोग का अनुरोध किया था। इसके बावजूद कलेक्टर द्वारा पुलिस बल बुलाकर कर्मचारियों को लंबे समय तक बैठाए रखने और बाद में थाने ले जाकर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने जैसे कदम उठाए गए।
बिना नोटिस के निलंबन पर सवाल
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कलेक्टर द्वारा बिना कारण बताओ नोटिस, बिना पूर्व सूचना और बिना पक्ष सुनवाई का अवसर दिए एकतरफा रूप से निलंबन आदेश जारी किए गए, जो पूरी तरह नियमविरुद्ध है। जबकि संबंधित कर्मचारी एक मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी भी हैं।
पूर्व मामलों का हवाला
गुलाब कमरो ने यह भी उल्लेख किया है कि इसी प्रकार के एक पूर्व मामले में संजय पाण्डेय को निलंबन से बहाल कर निलंबन अवधि को कार्यावधि मानते हुए प्रकरण समाप्त किया जा चुका है, जिससे ऐसे निलंबन आदेशों की तथ्यहीनता पहले ही साबित हो चुकी है।
जांच और कार्रवाई की मांग
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मांग की है कि कलेक्टर, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) द्वारा की गई समस्त कार्यवाहियों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोष सिद्ध होने पर कलेक्टर के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि कर्मचारियों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई दोबारा न हो।


