मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेंद्रगढ़, 4 जनवरी। एमसीबी जिले में शासकीय कर्मचारियों के निलंबन से जुड़े एक प्रकरण में सरगुजा संभाग के कमिश्नर द्वारा तीन कर्मचारियों के निलंबन को निरस्त करने का आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार तीनों कर्मचारियों को उनके पूर्व पदस्थापना स्थान पर बहाल किया गया है।
कमिश्नर के आदेश में उल्लेख है कि कर्मचारियों को हड़ताल के दौरान समर्थन मांगने के आधार पर निलंबित किया गया था। आदेश में इस कार्रवाई को अनुचित मानते हुए निलंबन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
इस मामले को लेकर पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरो ने बयान जारी कर कहा कि वे शुरू से ही इस निलंबन का विरोध कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई नियमों के अनुरूप नहीं थी। गुलाब कमरो ने यह भी कहा कि कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी थी और उन्हें निलंबित किया जाना उचित नहीं था।
निलंबन निरस्त होने के बाद गुलाब कमरो ने कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा, यह निर्णय कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है और इससे यह स्पष्ट होता है कि लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात रखना गलत नहीं है। पूर्व विधायक ने कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रकरण में की गई कार्रवाई पर उच्च स्तर पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस विषय में मुख्य सचिव से औपचारिक रूप से शिकायत करने का निर्णय ले रहे हैं। गुलाब कमरो ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि जिले में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं होती। उन्होंने कहा कि चयनात्मक कार्रवाई प्रशासन की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़े करती है। निलंबन निरस्त होने के बाद कर्मचारी एवं फेडरेशन से जुड़े शंकर सुमन मिश्र, गोपाल सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, गोपाल बुनकर और संजय पांडे ने गुलाब कमरो से उनके निवास पर मुलाकात कर समर्थन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर गुलाब कमरो ने कहा, कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े मामलों में आवश्यकता पडऩे पर मैं आगे भी उनके साथ खड़ा रहूंगा।


