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आदिवासी हितों की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए- मनराखन ठाकुर
30-May-2026 4:04 PM
आदिवासी हितों की आड़ में राजनीति  नहीं होनी चाहिए- मनराखन ठाकुर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

पिथौरा,  30 मई। डोंगरीपाली प्रकरण को लेकर आदिवासी समाज के नाम पर की जा रही गतिविधियों और थाना घेराव की मांग पर सर्व आदिवासी समाज के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान ब्लॉक अध्यक्ष मनराखन ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी हितों की रक्षा का दावा करने वाले कुछ लोग स्वयं आदिवासी समाज की जमीनों पर कब्जा और शोषण जैसे गंभीर मामलों में घिरे हुए हैं। ऐसे लोगों को पहले अपने आचरण का आत्ममंथन करना चाहिए, उसके बाद समाज हित की बात करनी चाहिए।

ज्ञात हो कि ग्राम डोंगरीपाली में एक आदिवासी परिवार के साथ कथित तौर पर जातिसूचक गाली-गलौज और धमकी का मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर के काफी समय बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आम आदमी पार्टी ने पिथौरा थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया था। मनराखन ठाकुर ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी यूथ ब्रिगेड के जिला संयोजक खिरोद पटेल का परिवार वर्षों से एक आदिवासी महिला की जमीन पर कब्जा जमाए बैठा है। उन्होंने कहा कि पीडि़त महिला पिछले 12 वर्षों से न्याय के लिए भटक रही है, लेकिन उसकी पीड़ा किसी को दिखाई नहीं दी। आरोप है कि षड्यंत्रपूर्वक जमीन को अपने नाम करवाकर उस पर खेती की जा रही है तथा शासकीय योजनाओं का लाभ भी लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में खिरोद पटेल के पिता जगत पटेल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4), 61 (2) एवं 3 (5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है और वे फरार बताए जा रहे हैं। मनराखन ठाकुर ने कहा कि यदि खिरोद पटेल वास्तव में कानून और प्रशासन का सम्मान करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपने पिता को आत्मसमर्पण कराने के लिए आगे आना चाहिए, उसके बाद प्रशासन पर सवाल उठाना चाहिए। मनराखन ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग आदिवासी हितों की आड़ लेकर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरपंच चुनाव में मिली हार के बाद निजी राजनीतिक रंजिश के चलते डोंगरीपाली प्रकरण को लगातार हवा दी जा रही है और आदिवासी समाज को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनबोध कोड़ाकू के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर समाज में भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि वास्तव में किसी आदिवासी भाई या बहन के साथ अन्याय हुआ है, तो सर्व आदिवासी समाज पूरी मजबूती के साथ उसके साथ खड़ा रहेगा। समाज पूरी तरह जागरूक और सक्षम है तथा अपने समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है। उन्होंने कहा कि अब तक समाज के समक्ष किसी भी पीडि़त आदिवासी द्वारा औपचारिक शिकायत प्रस्तुत नहीं की गई है, फिर भी यदि कोई व्यक्ति अपनी समस्या समाज के सामने रखता है तो समाज हर संभव सहयोग करेगा।

मनराखन ठाकुर ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि किसी भी संवेदनशील मामले में बयानबाजी या आंदोलन से पहले तथ्य और सत्य की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने प्रशासन और पुलिस प्रशासन से भी मांग की कि आदिवासी समाज को मोहरा बनाकर राजनीति करने वाले लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए तथा समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को किसी राजनीतिक सहारे की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि समाज स्वयं अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने में सक्षम है।


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