महासमुन्द

ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर: बच्चे, युवा और बुजुर्ग मार्शल आट्र्स और फिटनेस की बारीकियां सीख रहे
29-May-2026 3:52 PM
ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर: बच्चे, युवा और बुजुर्ग मार्शल आट्र्स और फिटनेस की बारीकियां सीख रहे

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 29 मई। गुरु गोविंद सिंह उद्यान बीटीआई रोड इन दिनों खेल और फिटनेस गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। जिला प्रशासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर में शहर के बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में भाग लेकर मार्शल आट्र्स और फिटनेस की बारीकियां सीख रहे हैं। 17 मई से शुरू हुआ यह नि:शुल्क शिविर 6 जून तक संचालित किया जाएगा।

एशियन सेकिकाई कराते संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर नीलकंठ साहू ने बताया कि वर्तमान समय में फिटनेस और आत्मरक्षा की जरूरत को देखते हुए प्रतिदिन सुबह 6 से 7.30 बजे तक कराते, सेल्फ डिफेंस और फिटनेस प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर में कराते के अलावा थाई किक बॉक्सिंग, शाओलिन कुंगफू, वुशु, तलवार, भाला संचालन, नानचाकू, लाठी चलाना, जुंबा डांस, स्केटिंग तथा ध्यान योग का प्रशिक्षण भी शामिल है।

शिविर में महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। लेडी कराते मास्टर ट्रेनर खुशी साहू युवतियों को वुमेन्स सेफ्टी सेल्फ डिफेंस का विशेष प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया जा रहा है कि दुपट्टा, सेफ्टी पिन, चाबी का गुच्छा और अखबार जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं का उपयोग संकट की स्थिति में आत्मरक्षा के लिए कैसे किया जा सकता है।

प्रशिक्षकों ने बताया कि मार्शल आट्र्स केवल आत्मरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और फिटनेस बढ़ाने का प्रभावी तरीका भी है। साथ ही कराते प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए पुलिस, आर्मी, नेवी, डिफेंस सेक्टर तथा कूल-कॉलेजों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हैं।

शिविर में प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने और अनुशासन विकसित करने के लिए खुमान साहू द्वारा समय-ेसमय पर प्रेरणादायी वक्तव्य भी दिए जा रहे हैं। आयोजकों ने विशेष रूप से क्षेत्र की युवतियों और महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में शिविर से जुडक़र आत्मरक्षा प्रशिक्षण का लाभ लेने की अपील की है। प्रशिक्षणार्थियों की सेहत का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। सभी के लिए रोज अंकुरित चना, मूंगफली, मूंग और गुड़ जैसी पौष्टिक आहार की व्यवस्था की गई है। उत्कृष्ट को पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। कैंप में युवाओं को अलग-अलग विधाओं के एक्सपट्र्स ट्रेनिंग दे रहे हैं।

मास्टर शेखर साहू युवाओं को फिटनेस और सुरक्षा के लिए जापानी युद्ध कला काता की बारीकियां सिखा रहे हैं। साथ ही गेरी, जुकी, उके, डाची और ध्यान-योग का विशेष अभ्यास करा रहे हैं। मास्टर नीलकंठ साहू प्रतिभागियों को एक साथ 10 से 15 दुश्मनों को मिनटों में पछाडऩे का स्पेशल और एडवांस लेवल का प्रशिक्षण दे रहे हंै। मास्टर नीलकंठ साहू ने बताया कि कराते सिर्फ आत्मरक्षा नहीं, बल्कि शानदार कॅरियर का माध्यम भी है। शिविर में खिलाडिय़ों को शासन से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी के साथ बताया जा रहा है कि वर्तमान में सरकार रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा योजना, पीएमश्री योजना, निर्भया योजना और नारी सशक्तिकरण जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं।


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