महासमुन्द

मारपीट में घायल युवक की मौत, हंगामा
23-May-2026 6:02 PM
मारपीट में घायल युवक की मौत, हंगामा

लाश रख घंटों घेरा थाना, कहा-24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो उग्र आंदोलन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 23 मई। मारपीट में गंभीर रूप से घायल बकमा निवासी युवक की उपचार के दौरान मौत हो जाने के बाद शुक्रवार को क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण शव को एंबुलेंस में लेकर कोमाखान थाना पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा मामले में हत्या की धाराएं जोडऩे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक चले धरने के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि ग्रामीणों ने 4 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुन: आंदोलन की चेतावनी है।

परिजनों के अनुसार, 15 अप्रैल को चितरंजन पटेल नर्रा रोड पर गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। होश आने पर उसने पुंजल साहू, दीपेश साहू और खिलावन टंडन पर डंडों से मारपीट करने का आरोप लगाया था।

घटना के करीब 18 दिन बाद, 3 मई को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता  की विभिन्न धाराओं (296, 115-2, 351-2, 126-2, 324-4, 3-5) के तहत मामला दर्ज किया था।

इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा संबंधित अस्पतालों को लिखित पत्र भेजकर चितरंजन पटेल की मेडिकल रिपोर्ट मांगी गई थी। उन्होंने कहा कि अब तक मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के कारण चोटों की गंभीरता का विधिवत परीक्षण नहीं हो पाया था। इसी वजह से उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रारंभिक धाराओं में अपराध दर्ज किया गया था।

परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि मारपीट के कारण चितरंजन की हालत लगातार गंभीर बनी रही। अस्पताल, महासमुंद में उपचार के बाद उसे आगे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल महासमुंद में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान गुरुवार रात उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि उसके शरीर पर गंभीर चोटें थीं और मारपीट के कारण ही उसकी जान गई। उनका कहना है कि युवक के हाथ-पैर तक काम नहीं कर रहे थे और वह लंबे समय तक गंभीर हालत में उपचाररत रहा।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नामजद आरोपी अवैध शराब बिक्री का काम करते हैं और इसी कारण मामले में कार्रवाई में देरी हुई। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

चितरंजन की मृत्यु के बाद शुक्रवार को शाम लगभग 4 बजे परिजन और बकमा के बड़ी संख्या में ग्रामीण शव को एंबुलेंस में रखकर कोमाखान थाना पहुंचे और थाना परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनकी मुख्य मांगें आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले में हत्या की धाराएंजोडऩा थीं।  ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नामजद आरोपी अवैध शराब के कारोबार में लिप्त हैं, जिसके कारण पुलिस कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है।

धरना स्थल पर एसडीओपी त्रिपाठी पहुंचे और ग्रामीणों तथा परिजनों से चर्चा की। काफी देर तक चली बातचीत के बाद एसडीओपी द्वारा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद शाम 7 बजे ग्रामीण धरना समाप्त करने पर सहमत हुए।

 ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निश्चित समय सीमा के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे पुन: उग्र आंदोलन करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

फिलहाल, पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया में जुटी है।


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