महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,2मई। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी किसमितिप्रबंधक संघ द्वारा 8 सूत्रीय मांगों को लेकर गत 22 अप्रैल से चल रहे निचितकालीन हड़ताल स्थगित किया गया है। संघ के प्रांताध्यक्ष शनिराम साहू ने पत्र जारी कर कहा है कि शासन द्वगा एस्मा लागू करने, संघ के मांगों को पूरा करने समेत सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने जैसे आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्ति की घोषणा कर दी गई है। प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन मैट्रिक्स लेवल 07, एवं 9 लागू करने, सेवा सुरक्षा पेंशन,अनुकंपा नियुक्ति एवं अन्य लंबित मांगें शामिल हैं।
वनोपज सहकारी प्रबंधक संघ की मांगों का समर्थन करते हुए जिला लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष प्रमोद सेवनलाल चंद्राकर ने विज्ञप्ति में बताया है कि संघ की समस्याओं एवं मांगों पर गंभीरता एवं सहानुभूति पूर्वक विचार कर 30 अप्रैल 2026 को जिला लघु वनोपज सहकारी संघ महासमुंद के संचालक मंडल की बैठक हुई। जिसमें लिए गए निर्णय अनुसार संघ की मांगों को पूर्ण करने हेतु संघ मुख्यालय को लेख किया जा रहा है। श्री चंद्राकर ने कहा है कि महासमुंद जिला के ग्रामीण वनवासियों की आजीविका वनोपज पर ही आधारित है। जिसमें तेंदूपत्ता संग्रहण मुख्य है। अत: समस्त प्रबंधकों से उन्होंने आग्रह किया था कि जिले के ग्रामीण वन वासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल स्थगित कर पुन: कार्य पर वापस लौटें। संघ के प्रांतीय आव्हान पर महासमुंद जिले में भी प्रबंधकों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी था। जिले में तेंदूपत्ता की खरीदी आम तौर पर मई के पहले सप्ताह से शुरू हो जाती है। वर्ष 2026 के लिए सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर 5500 रुपए प्रति मानक बोरा रखा है।


