महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 2 मई। महासमुंद में तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य कल 1 मई शुक्रवार से शुरू हो गया है। आदिवासी वनांचल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुड़ागांव, अकलवारा, फिंगेश्वर, सोरिद खुर्द, अमेठी, नवाडीही, कसेकेरा, साजापाली, गोदलाबाहरा, भैरा, नवापारा, करचाली, देवसरा, द्वारतरा, बम्हनी, कुरेकेरा, खड़मा, कोरासी, मड़ेली, जरगांव, रवेली, गिधनी, पीपरछेड़ी, बोईरगांव, कनेसर, जुनवानी, ओनवा, खैरझिटी सहित आसपास के गांवों में तेंदूपत्ता संग्रहण प्रारंभ हो चुका है।
तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए वनवासी सुबह से ही अपने परिवार के साथ जंगलों की ओर रुख कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में तेंदूपत्ता ग्रामीणों के लिए आय का प्रमुख स्रोत है, जिसका उपयोग बीड़ी निर्माण में किया जाता है। वन विभाग द्वारा तोड़ाई के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्व में ही पूरी कर ली गई थीं, जिसके तहत निर्धारित तिथि से संग्रहण कार्य शुरू किया गया। ग्रामीण उत्साह के साथ इस कार्य में जुटे हुए हैं और परिवार सहित तेंदूपत्ता तोडऩे में व्यस्त हैं। वनोपज यूनियन के अध्यक्ष प्रमोद चंद्राकर ने कहा है कि तेंदूपत्ता तोड़ाई का काम शुरू हो चुका है। बीते कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी, तेज धूप और मौसम में हो रहे लगातार उतार-चढ़ाव के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण प्रभावित होने की आशंका भी है। जिससे लघु वनोपज सहकारी समितियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। तेंदूपत्ता की खरीदी वन समितियों के माध्यम से की जाएगी। वहीं, संग्रहण कार्य में सहयोग के लिए मध्यप्रदेश से भी संग्राहक यहां पहुंच रहे हैं।


