महासमुन्द

सेवा सहकारी समिति केना में केसीसी लोन को लेकर गड़बड़ी के आरोप
17-Feb-2026 4:00 PM
सेवा सहकारी समिति केना में केसीसी  लोन को लेकर गड़बड़ी के आरोप

किसानों का दावा- दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर फर्जी लोन निकाला गया

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 17 फरवरी।  महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक के तोरेसिंहा शाखा अंतर्गत सेवा सहकारी समिति केना में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन से जुड़े कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। किसानों का दावा है कि वर्ष 2023-24 में उनके नाम पर दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर लाखों रुपये के लोन स्वीकृत और आहरित किए गए। अब तक 35 से अधिक किसानों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है।

किसानों के अनुसार, उनके कृषि रकबे में कथित रूप से वृद्धि दर्शाकर तोरेसिंहा सहकारी बैंक से केसीसी लोन स्वीकृत किए गए। उनका कहना है कि कई मामलों में उन्हें इस बात की जानकारी तब हुई जब वे बैंक या समिति में अन्य कार्य से पहुंचे।

किसानों के दावे

ग्राम केना के किसान किशोर के पास 0.2900 हेक्टेयर (लगभग 73 डिसमिल) भूमि होने के बावजूद वर्ष 2023-24 में 3,73,706 रुपये का लोन दर्शाया गया है।

ग्राम इच्छापुर के निलाद्री साहू के पास 0.4900 हेक्टेयर भूमि पर 3,55,082 रुपये का लोन दर्ज बताया गया है। ग्राम टेंगनापाली के उत्तम कुमार भोई (0.2400 हेक्टेयर) के नाम पर 3,83,193 रुपये का लोन दर्ज होने का दावा है।

 ग्राम नानकपाली के खिरसागर (0.2600 हेक्टेयर) के नाम पर 3.87 लाख रुपये का लोन दर्ज बताया गया है। टेंगनापाली के देव कुमार भोई (0.2700 हेक्टेयर) के नाम पर 3,07,416 रुपये का लोन दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

किसानों का कहना है कि उनकी ऋण पुस्तिका में दर्ज रकबे से अधिक राशि का लोन स्वीकृत किया गया। कुछ किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने संबंधित अवधि में कोई लोन नहीं लिया, फिर भी उनके खाते में बकाया दर्शाया जा रहा है।

एक अन्य मामले में किसान चंचला के नाम धान बिक्री की राशि में से आंशिक ऋण कटौती की बात सामने आई है। किसान सवाल उठा रहे हैं कि यदि ऋण पुस्तिका में रकबा कम है, तो लोन स्वीकृति किस आधार पर हुई।

लगाए गए आरोप

किसानों ने इस मामले में कुछ बैंक एवं समिति से जुड़े व्यक्तियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। समाचार लिखे जाने तक संबंधित बैंक या समिति प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है।

प्रभावित किसान मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने और आवश्यक होने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। प्रशासनिक स्तर पर जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।


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