महासमुन्द

कावेरी बीज कंपनी पर किसानों का पौने 4 करोड़ बकाया, 20 को निकालेंगे ट्रैक्टर रैली
17-Feb-2026 3:58 PM
कावेरी बीज कंपनी पर किसानों का पौने 4 करोड़ बकाया, 20 को निकालेंगे ट्रैक्टर रैली

 किसान कह रहे कि इससे बात नहीं बनी तो रोकेंगे रेल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद,17फरवरी। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में किसानों और मजदूरों के शोषण का एक बड़ा मामला सामने आया है। तेलंगाना की कावेरी बीज कंपनी सिकंदराबाद द्वारा रबी सीजन 2024-25 में बीज उत्पादन कराने के बाद करोड़ों रुपए की लीज राशि और मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी समाधान न मिलने पर अब किसानों ने उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। आगामी 20 फरवरी को सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ किसान महासमुंद से रायपुर के लिए कूच करेंगे और धनेली स्थित कंपनी के प्लांट का घेराव करेंगे।

सोमवार को पन्नालाल टावर महासमुंद में आयोजित किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक में बताया गया कि कंपनी ने 132 किसानों और मजदूरों की जमीन लीज रेग पर लेकर बीज उत्पादन का कार्य कराया था। इसमें किसानों की भूमि, मजदूरों की कड़ी मेहनत और भारी मशीनरी का उपयोग किया गया। हालांकि काम पूरा होने के महीनों बाद भी भुगतान नहीं किया गया है। आंकड़ों के अनुसार मूल बकाया राशि 3करोड़, 23लाक, 26 हजार 388 रुपए है। जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक 2 प्रतिशत  मासिक ब्याज जोडऩे पर यह राशि 51लाख,72 हजार 222 और बढ़ गई है। इस प्रकार कंपनी पर कुल 3करोड़, 74 लाख,98 हजार, 610 की देनदारी बनती है।

 

बैठक में उपस्थित जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर और भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही ने स्पष्ट किया है कि 20 फरवरी को होने वाली ट्रैक्टर रैली केवल शुरुआत है। यदि धनेली प्लांट के घेराव के बाद भी भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। जिसमें रेल रोको जैसे कड़े कदम शामिल होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और संबंधित कंपनी की होगी। बैठक में मुख्य रूप से कृष्ण कुमार चंद्राकर, रोशन चंद्राकर, महेन्द्र बंजारे, प्रवीण चंद्राकर, भीखम चंद्राकर, पंकज चंद्राकर और केशवराम पाल सहित बड़ी संख्या में प्रभावित किसान और मजदूर उपस्थित थे।


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