महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,9 जनवरी। सिखों के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह का 359वां प्रकाश पर्व सिख समाज बसना ने उत्साह के साथ मनाया। लगातार 7 दिनों तक प्रात: 5 बजे से गुरुद्वारा साहिब बसना से प्रभात फेरी निकाल बसना नगर का भ्रमण करते हुए गुरुद्वारा साहिब बसना में वापस पहुंचती रही। जिसमें सिख धर्म की महिला श्रद्धालुओं द्वारा गुरु वाणी का गायन हुआ।
प्रभातफेरी के माध्यम से गुरुओं के त्याग, बलिदान और उनके अमृतवाणियों से जागरुकता फैलाने का कार्य किया गया। 6 जनवरी को गुरुद्वारा में दोपहर को विशेष दीवान सजाया गया। जिसका समापन पश्चात गुरु का अटूट लंगर हुआ। शाम 4 बजे गुरुद्वारा साहिब से पंज प्यारों की अगुवाई में विशाल नगर कीर्तन हुआ।
सिख समाजजन के अलावा सर्व समाज के लोग इस कार्यक्रम में शामिल रहे। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे कर्मा, सुआ, पंथी नृत्य के साथ चौक चौराहों में हैरत-अंगेज करतब दिखाते अखाड़ा दल गुरु नानक धर्मशाला से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गायत्री मंदिर, राम.जानकी मंदिर,थाना चौक, शहीद वीर नारायण सिंह चौक होते हुए गुरुद्वारा साहिब बसना में समापन हुआ। नगर कीर्तन में मुख्य रूप से राजनांदगांव से आई पालकी ग्रंथ साहिब को विराजमान किया गया था। बाबा दीप सिंह सेवादल रायपुर के वीरों ने शब्द गायन की प्रस्तुति दी। गुरु ग्रंथ साहिब की सत्कार में सबसे आगे पानी से धोकर मार्ग को साफ कर बुहारने पश्चात फूलों की वर्षा हो रही थी। निशांत साहब के साथ पंज प्यारे पालकी साहिब में विराजमान थे। उसके पीछे नानक नाम लेवा संगत गुरबाणी का गायन जारी रहा।
कीर्तन में आकर्षण का मुख्य केंद्र दरबार साहिब था।


