महासमुन्द

जल जीवन मिशन का मल्टी विलेज स्कीम: महानदी किनारे बसे 48 गांवों का ग्राउंड वाटर लेवल कम, बोर-हैंडपंप दे रहे जवाब
09-Jan-2026 2:41 PM
जल जीवन मिशन का मल्टी विलेज स्कीम: महानदी किनारे बसे 48 गांवों का ग्राउंड वाटर लेवल कम, बोर-हैंडपंप दे रहे जवाब

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद,9 जनवरी। महासमुंद ब्लॉक में महानदी के आसपास 15 किमी के दायरे में बसे अच्छोला, अछोली, जोबा, गढ़सिवनी, परसाडीह समेत 48 गांवों में पीने का पानी पहुंचाने के लिए समोदा अछोला समूह जल प्रदाय योजना शुरू की गई थी। साल 2023 में जल जीवन मिशन के मल्टी विलेज स्कीम के तहत 66.58 करोड़ रुपए की लागत से इसे बनाने का काम शुरू किया गया। दो साल बीतने के बाद भी काम आधा-अधूरा है। अब तक 58 प्रतिशत काम ही हुआ है।

विभागीय जानकारी अनुसार इस प्रोजेक्ट से 13 हजार परिवार के तकरीबन 70 हजार लोगों को पीने का शुद्ध पानी मिलना है। बीते 2 साल से यहां के ग्रामीण इंतजार ही कर रहे हैं। काम जिस धीमी गति से हो रहा है, उस हिसाब से काम पूरा होने में अभी एक साल और लग सकता है। मतलब ग्रामीणों के लिए और लंबा इंतजार।

गौरतलब है कि गर्मी के दिनों में यहां के लोगों की चुनौती और बढ़ जाती है। यहां गांवों का वाटर लेवल 350 से 400 फीट तक नीचे चला जाता है। बोर-हैंडपंप से पानी न के बराबर आता है। इन गांवों में पिछली गर्मी भी काफी मुश्किलों में गुजरी है। अछोली के उपसरपंच संतराम साहू बताते हैं कि गर्मी में एक महीने तक पानी टैंकर से घर-घर जल आपूर्ति करनी पड़ी थी। साफ पानी आपूर्ति के स्थायी समाधान में मल्टी विलेज स्कीम महत्वपूर्ण है। लेकिन प्रोजेक्ट में लेटलतीफी ने उन्हें मिलने वाली राहत उनसे काफी दूर कर दी है।

जानकारी अनुसार समोदा बैराज में सालभर पानी रहता है। वर्ष 2020-21 के सर्वे में यह भी पता लगाया जा चुका है कि यहां से कितने इलाकों को पानी दिया जा सकता है। इसी के मुताबिक समोदा अछोला मल्टी विलेज वाटर सप्लाई स्कीम तैयार की गई। प्रोजेक्ट पूरा होने से अगले 30 साल तक इलाके में पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। महानदी के किनारे बसे 48 गांवों में 128 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। तीनों पानी टंकियों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी फिल्टर होकर पहुंचेगा। अब तक करीब 75 प्रतिशत यानी 95 किमी पाइपलाइन बिछ चुकी है। काम तेजी से किया जा रहा है।

कहा जा रहा है कि 2 साल में 58 फ ीसदी काम ही हो पाया। पूरा होने में अभी एक साल और लग जाएंगे। दिसंबर 2025 तक काम पूरा हो जाना था। अछोली में महानदी तट पर इंटकवेल बनाने का काम अब भी जारी है। ग्राम भोरिंग में 3.50 लाख लीटर की क्षमता वाली पानी टंकी में ट्रीटमेंट प्लांट से फिल्टर होने के बाद पानी पहुंचेगा। तीन बड़ी टंकियां 80 प्रतिशत बन चुकी हैं। अछोला में 2.40 लाख लीटर और जलकी में 1 लाख लीटर की क्षमता की 80 फ ीट की पानी टंकी बन रही है।

 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के सहायक अभियंता किशोर कुमार साहू ने बताया कि अच्छोला-अच्छोली जैसे इलाके महानदी के किनारे बसे हैं। फिर भी वाटर लेवल कम है। बारिश में 10-15 फ ीट में जल मिल जाता है। गर्मी में 350 फीट से 400 फीट नीचे चला जाता है। बताया कि प्रोजेक्ट पूरा करने वाली डेडलाइन अब तक तीन बार बढ़ाई जा चुकी है। पिछली डेडलाइन के मुताबिक काम दिसंबर 2025 तक पूरा हो जाना था। अभी हालत ये है कि गांवों में अब भी पाइप बिछाने का काम जारी है। काम पूरा होने में अभी एक साल और लगने का अनुमान है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के ईई देव प्रकाश वर्मा ने कहा कि अछोली में 60 लाख लीटर की क्षमता वाला शुद्धिकरण संयंत्र बन रहा है। 45 फीसदी काम पूरा हुआ है। मार्च 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण में तेजी लाने अफसरों को निर्देश दिए हैं।


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