महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 9 जनवरी। श्रृंखला साहित्य मंच पिथौरा द्वारा मंगलवार को नगर में आयोजित एक समारोह में कवि स्वराज्य करुण के कविता-संग्रह ‘दिलवालों का देश कहाँ’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. चित्तरंजन कर उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता गिरीश पंकज ने की। विशेष अतिथि के रूप में जी.आर. राना और शिवशंकर पटनायक उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि डॉ. चित्तरंजन कर ने कहा कि किसी भी देश की स्थिति को समझने के लिए उसके साहित्य को देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साहित्य लेखन रचनाकार की चेतना और संवेदना से जुड़ा होता है तथा साहित्य समाज की स्थिति को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने मानवीय मूल्यों में हो रहे परिवर्तनों पर भी अपनी बात रखी। कविताओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि संवेदना और मनुष्यता का संबंध साहित्य से जुड़ा हुआ है।
अध्यक्षीय संबोधन में गिरीश पंकज ने कहा कि कविता में भाषा, संवेदना और सामाजिक संदर्भ का होना आवश्यक है। उन्होंने स्वराज्य करुण के रचनाकर्म का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविताओं में सामाजिक विषयों की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। ‘दिलवालों का देश कहाँ’ संग्रह के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कवि समाज में आ रहे परिवर्तनों को लेकर प्रश्न उठाता है। उन्होंने पिथौरा में साहित्यिक गतिविधियों के आयोजन का भी उल्लेख किया।
विशेष अतिथि जी.आर. राना ने ग्रामीण जीवन शैली में हो रहे बदलावों पर अपने विचार रखे और इस संदर्भ में अपनी कविता की पंक्तियाँ प्रस्तुत कीं।
विशेष अतिथि शिवशंकर पटनायक ने कविता-संग्रह पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
इस अवसर पर कवि अशोक शर्मा ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का कार्य करता है। स्वराज्य करुण ने अपने कविता-संग्रह की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संग्रह उनके मन में उठने वाले प्रश्नों से जुड़ा है, जो मानवीय संवेदनाओं और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों से संबंधित हैं।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण श्रृंखला साहित्य मंच के अध्यक्ष प्रवीण प्रवाह ने दिया। संचालन उमेश दीक्षित ने किया। समारोह में मंच के पदाधिकारी, साहित्यकार, पत्रकार, जनप्रतिनिधि और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में डॉ. चित्तरंजन कर ने कविता-संग्रह के कुछ गीतों और प्रवीण प्रवाह की एक गज़़ल का संगीतमय पाठ किया। तबले पर डॉ. प्रदीप साहू ने संगत की। आभार प्रदर्शन अनूप दीक्षित ने किया।


