महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 14 सितम्बर। महासमुंद जिले में चालू वर्ष के माह अप्रैल के शुरुआत से जिले की 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 69 लाटों में तेंदूपत्ता संग्रहण का काम शुरू हुआ और इस वर्ष 2021 में 74871.285 मानक बोरा तेंदूपत्ते का संग्रहण किया गया। जबकि खरीदी का लक्ष्य 94500 मानक बोरे का था। इसमें 101401 तेंदूपत्ता संग्राहक जुड़े। जिन्हें 39 करोड़ 94 लाख,85 हजार140 रुपए संग्रहण पारिश्रमिक का भुगतान मिला। वहीं वनधन योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 16 प्राथमिक समितियों ने 133 संग्राहकों से विभिन्न प्रकार के बहेड़ा साबुत, चिंरोजी गुठली, हर्रा, धवई फूल, इमली और बहेड़ा कचरिया मिलाकर कुल 635.570 क्विंटल लघु वनोपज की खऱीदी की गयी। कोरोकाल में यही जनजातियों का सबसे बड़ा सहारा बना।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2018 के 84516 तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का आन लाइन भुगतान किया। माह अगस्त 2020 में दी गयी यह राशि 21 करोड़ 32 लाख 43हजार, 519 रुपए थी जो सीधे सम्बंधित के बैंक खाते में गयी। महासमुंद जिले में माह अप्रैल के अंत शुरुआत से जिले की 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 69 लाटों में तेंदूपत्ता संग्रहण का काम शुरू हुआ। इस वर्ष 2021 में 74871.285 मानक बोरा तेंदूपत्ते का संग्रहण किया गया। लक्ष्य 94500 मानक बोरा का था। इसमें 101401 तेंदूपत्ता संग्राहक जुड़े। इन्हें 39 करोड़ 94 लाख 85 हजार140 रुपए संग्रहण पारिश्रमिक का भुगतान मिला।


