महासमुन्द

छत्तीसगढिय़ा गांड़ा समाज के विभिन्न घटकों के एकीकरण का संकल्प
12-Sep-2021 5:46 PM
 छत्तीसगढिय़ा गांड़ा समाज के विभिन्न घटकों के एकीकरण का संकल्प

प्रदेश स्तरीय चिंतन बैठक में कई अहम निर्णय

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

महासमुंद, 12 सितंबर। छत्तीसगढ़ प्रदेश गांड़ा समाज की एक दिवसीय चिंतन बैठक स्व. दिलीप सिंह जूदेव सभागार नयापारा महासमुंद में हुई।

बैठक में छतीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न घटकों के सामाजिकजनों का समागम हुआ, जिसमें झेरिया, कोसरिया, अंकुरि, चौहान, देवदास, गंधर्व, सक्ताहा आदि घटकों के प्रमुख शामिल रहे। बैठक में एक स्वर में प्रस्ताव पारित कर छत्तीसगढिय़ा गांड़ा समाज के विभिन्न घटकों के एकीकरण और राजनीतिक उत्कर्ष का संकल्प लिया गया।

समाज के समग्र विकास पर जोर देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की महती आवश्यकता बताई गई। समाज की समस्याओं का समाधान करने के लिए समिति गठित करने, समाज के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा मासिक अंशदान तथा महासमुंद जिले की तरह सभी जिलों में सामाजिक कोष स्थापित करने की जरूरत बताई गई।

प्रदेश स्तरीय चिंतन बैठक में सरायपाली विधायक किस्मत लाल नंद, सरायपाली के पूर्व विधायक रामलाल चौहान, अपर कमिश्नर बिलासपुर केएल चौहान, छग गंधर्व गांड़ा समाज के प्रदेश अध्यक्ष माधवलाल देवदास, मनीषा कुलदीप, राधेश्याम नागवंशी, कोसरिया गांड़ा समाज के अध्यक्ष राजू तांडिया, छत्तीसगढिय़ा गांड़ा अंदकुरी समाज के प्रमुख प्रेम सिंह नाग, छग गंधर्व समाज के संरक्षक अशोक नायक, प्रीतराम सूर्ये, महासमुंद के पूर्व जिलाध्यक्ष नंदकुमार मोंगर, शीला कुलदीप, खेमराज बघेल मुख्य वक्ता थे।

बैठक का संयोजन मदन भारती ने तथा संचालन सुनील चौहान ने किया। छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को ही जाति प्रमाणपत्र सरलीकरण का लाभ दिया जाए, इस मांग को लेकर समाज का प्रतिनिधिमंडल बीते दिनों राज्यपाल अनुसुईया उइके से मिला था। अब इस बार मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिए जाने का निर्णय लिया गया।


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