महासमुन्द

आत्महत्या मामले में जांच की बात कही तो गांव में पौनी पसारी बंंद
25-Aug-2021 8:09 PM
आत्महत्या मामले में जांच की बात कही तो गांव में पौनी पसारी बंंद

प्रकरण की जांच करने की मांग 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 25 अगस्त।
गाम मोरधा में एक से डेढ़ महीने पूर्व गांव के रामू यादव की आत्महत्या के मामले में जांच की बात कहना ग्रामीण को महंगा पड़ गया है। सरपंच, कोटवार व अन्य प्रमुखों ने गांव से उसका हुक्का पानी बंद करा दिया है। इसकी शिकायत ग्रामीण ने कोतवाली में की है। साथ ही इसकी प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक को सौंपी है। 

शिकायतकर्ता ग्राम मोरधा निवासी दामजी साहू ने बताया कि ग्राम मोरधा में रामू यादव ने डेढ़ महीने पूर्व आत्महत्या कर ली। इस संबंध में दामजी साहू कहते हैं-जब मैंने आवाज उठाई तो गांव में मीटिंग बुलाई गई। मीटिंग में ग्राम प्रमुख डॉ. परमानंद साहू, कोटवार बल्लदास, ग्राम पटेल भागवत साहू, सदस्य पुरुषोत्तम यादव, पंच सनत साहू, सदस्य शत्रुघन सहित अन्य प्रमुखों ने मुझसे कहा कि आत्महत्या वाली गोपनीय बात को तुम बाहर उजागर कर रहे हो। इसलिए तुम्हें 5 हजार रुपए दंड भरना होगा। 

बैठक में तत्काल अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं करने पर ग्राम से हुक्का पानी व पौनी पसारी बंद करने की बात कही। मैंने जब अर्थदण्ड देने से मना करते हुए आत्महत्या मामले की शिकायत थाने में करने की बात कही तो गांव में हुक्कापानी व पौनी पसारी बंद कर दिया गया है। इससे गांव में परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी ने इस पूरे प्रकरण की जांच करने की मांग कोतवाली प्रभारी से की है।
 


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