महासमुन्द
निर्धारित सीट की संख्या से तीन गुना आवेदन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,19 अगस्त। स्नातक के प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए जिले के शासकीय महाविद्यालयों में चयन सूची देर शाम जारी हो गई है। बच्चे सुबह से सूची के इंतजार में महाविद्यालय पहुंच गए थे, लेकिन सूची दोपहर बाद जारी होने की सूचना पाकर कुछ छात्र-छात्राएं वापस घर लौटे और कुछ कॉलेज के आसपास ही समय गुजारते रहे। दोपहर तक उनकी धडक़नें तेज थी। जब सूची जारी हुई तो, बहुत से छात्रों के चेहरों पर मायूसी छाई रही। क्योंकि निर्धारित सीटों के एवज में तीन गुना आवेदन आए हैं।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह सूची मेरिट के आधार पर वर्गवार निकाली गई है। कॉलेजों में सीटें 4676 हैं। ज्यादातर महाविद्यालयों में सामान्य व ओबीसी कोटे में सबसे ज्यादा कसमकस देखा गया। इस बार 90 से 80 प्रतिशत तक कटऑफ गया है। इसी प्रकार एससीए एसटी व अन्य कोटे में भी इस बार पिछले साल से अधिक कटऑफ आया है। इस साल बच्चों को महाविद्यालय में पढ़ाई करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। शासकीय महाविद्यालय में पढ़ाई करने के लिए केवल साढ़ेे चार हजार विद्यार्थी को ही प्रवेश दिया जाएगा। शेष बच्चों को या तो निजी महाविद्यालय की ओर रुख करना होगा या फिर सीधे वार्षिक परीक्षा प्राइवेट स्तर से देंगे।
माता कर्मा कन्या महाविद्वालय के प्राचार्य डॉ. रमेश देवांगन ने बताया कि महाविद्यालय की पहली सूची जारी हो गई है। सुबह एक्जाई लिस्ट पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से मेल में आई है। इसके बाद वर्गवार लिस्ट जारी किया गया। आवेदनों की जांच के करने में समय लगा इसलिए दोपहर के बाद लिस्ट जारी किया गया। उन्होंने बताया कि सभी महाविद्यालय में प्रथम चयन सूची मेरिट के आधार पर जारी हो गई है।
जिला मुख्यालय के मुख्य महाविद्यालय महाप्रभु वल्लभाचार्य पीजी कॉलेज में बीए, बीएससी व बीकॉम में घमासान मचा है। निर्धारित सीट से तीन से चार गुना आवेदन आए हैं। वहीं बागबाहरा, पिथौरा, सरायपाली व बसना क्षेत्र के महाविद्यालयों में बीए व बीएससी में ज्यादा आवेदन आए हैं।
स्नातक के प्रथम वर्ष के लिए जिले के 9 शासकीय महाविद्यालयों में करीब 12 बजार 402 आवेदन प्राप्त हुए हैं। ये आवेदन निर्धारित सीटों से तीन गुना हैं। यह पहली बार है जब जिले में निर्धारित सीट की संख्या से तीन गुना आवेदन आया है। इसमें बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए व डीसीए की कक्षाएं शामिल हैं। इस बार सीट के लिए मारामारी हो गई है। जिन बच्चों के नाम सूची में नहीं आए हैं, वे मायूस हो गए हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि इस बार नियमित रूप से पढ़ाई कैसे होगी। क्योंकि उन्हें किसी भी महाविद्यालय में सीट नहीं मिलेगी। इतने प्रतिशत आने के बावजूद उन्हें सीधे प्राइवेट स्तर से वार्षिक परीक्षा देना होगा। तभी उनकी पढ़ाई पूरी हो पाएगी।
महाविद्यालयों के प्राचार्यों की मानें तो हर साल सीटों से अधिक आवेदन आते हैं। लेकिन इस बार तीन से चार गुना आवेदन आए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार सालों से सभी विषयों के सीटों को बढ़ाने की मांग उच्च शिक्षा विभाग से लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन सीट नहीं बढ़ रही है। आज इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ेगा। जिले के करीब आठ हजार बच्चों के लिए स्नातक पूरी करने जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
कॉलेजों में जारी सूची की बात करें तो इस बार सामान्य वर्ग में 90 प्रतिशत कटऑफ माक्र्स गया है। इसी प्रकार ओबीसी में भी 80 प्रतिशत तक कटऑफ गया है। एससी व एसटी में पूर्व की तुलना कटऑफ अधिक है। इस बार सभी वर्गों के बच्चों को प्रवेश के लिए परेशानी हो रही है।
बता दें कि बीएससी में 75 प्रतिशत तक पहली सूची की कटऑफ जारी होता था। ओबीसी का कटऑफ 65 प्रतिशत तक होता था। लेकिन इस बार 80 के पार नहीं हुए हैं। यही हाल बीए व बीकॉम का है।
बहरहाल बुधवार को महाविद्यालय में प्रवेश की पहली मेरिट सूची जारी हो गई है। जिन बच्चों का नाम सूची में आया है, वे 24 अगस्त तक प्रवेश लेंगे। इसके बाद यदि शेष महाविद्यालय में जिन विषयों की सीटें खाली रहेगी, उसके लिए दूसरे चरण में प्रवेश दिया जाएगा। दूसरे चरण में प्रवेश के लिए दो 25 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं। आगामी 26 अगस्त तक छात्रों को ऑनलाइन आवेदन भरना होगा। इसके बाद 27 अगस्त को मेरिट सूची जारी होगी। जिन बच्चों का नाम उसमें आएगा वो 31 अगस्त तक प्रवेश लेंगे।


