महासमुन्द

पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ सिवनी में मुहूर्त की घोषणा
19-Aug-2021 5:26 PM
पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ सिवनी में मुहूर्त की घोषणा

महासमुंद के रजत चोपड़ा 23 जनवरी को लेंगे दीक्षा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,19 अगस्त।
शहर के युवा रजत चोपड़ा आगामी 23 जनवरी को दीक्षा लेने वाले हैं। उनके दीक्षा मुहूर्त की घोषणा होते ही शहर में उत्साह का माहौल है। 16 अगस्त को ही समाज व परिजनों की उपस्थिति में रजत चोपड़ा का भव्य शोभायात्रा के रूप में मुहूर्त वधावनाश् और बहुमान का आयोजन किया गया। इसके बाद मंदिर में स्थित वल्लभ भवन पर पूज्य ऋषभ सागर व अन्य साधुओं की उपस्थिति में जैन श्री संघ द्वारा मुमुक्षु रजत व उनके माता-पिता का बहुमान कार्यक्रम रखा गया।

बीते 15 अगस्त को खरतरगच्छाचार्य पूज्य जिन पीयूष सागर ने आगामी 23 जनवरी 2022 को प्रवज्या भगवती दीक्षा देने का शुभ मुहूर्त प्रदान किया। इस संबंध में रजत चोपड़ा, उनके पिता महेंद्र व माता भावना चोपड़ा, श्री नमिऊण पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ सिवनी मध्यप्रदेश गए थे। वहीं इस दौरान प्रदेश के मुंगेली जिले के सुरगी निवासी संयम पारख को भी दीक्षा मुहूर्त प्रदान किया गया। समाज के कार्यकर्ता राहुल बोथरा ने बताया कि महासमुंद जैन समाज के युवा श्रावक रजत चोपड़ा पिछले 10 वर्षों से वैराग्य व त्याग की भावना रखते हुए संयम जीवन की ओर अग्रसर थे।

बहुमान कार्यक्रम के दौरान हेमंत झाबक द्वारा रचित स्वागत गीत को ललित शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया। श्री संघ के ट्रस्टी व वरिष्ठजनों ने मुमुक्षु रजत व उनके माता-पिता का बहुमान किया। श्री संघ के सचिव रितेश गोलछा ने आचार्य द्वारा प्रदत्त दीक्षा मुहूर्त उद्घोषणा पत्र का पठन किया। बहुमान कार्यक्रम के अन्तर्गत मोक्ष गोलछा एंड ग्रुप और महिलाओं द्वारा संयम व वैराग्य जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम का संचालन पारस चोपड़ा द्वारा किया गया।

बहुमान कार्यक्रम के दौरान मुमुक्षु रजत ने कहा कि बहुमान मेरा नहीं, संयम एवं त्याग का है। यह संयम व त्याग का मार्ग हमें गुरु भगवंतो ने बताया और गुरु भगवंतो ने यह मार्ग परमात्मा से पाया है, तो वास्तव में यह बहुमान के हकदार परमात्मा हैं। परमात्मा की वाणी को हम तक पहुंचाने का कार्य गुरु भगवंत करते हैं और गुरु भगवंतो को हम तक लाने का कार्य चातुर्मास कराने का कार्य श्री संघ करता है। तो यह बहुमान परमात्मा, पंच महाव्रत धारी गुरुभगवंतो, सकल श्री संघ व मेरे माता पिता का है।
 


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